फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   लक्ष्य को पूरा करने के लिए कागजों पर ओडीएफ अभियान

लक्ष्य को पूरा करने के लिए कागजों पर ओडीएफ अभियान

Wed, 11 Oct 2017 12:19 AM IST
Updated Wed, 11 Oct 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
लक्ष्य को पूरा करने के लिए कागजों पर ओडीएफ अभियान
लक्ष्य पूरा करने को कागज पर बन रहे ओडीएफ
विज्ञापन

शत प्रतिशत शौचालय निर्माण के बाद भी हाथ से नहीं छूटा लोटा
31 दिसंबर तक जिले को पूर्ण ओडीएफ बनाने का है लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। ओडीएफ अभियान सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित है। अभियान का मानक ओडीएफ हो चुके एक भी गांव में पूरा नहीं हो सका है। 31 दिसंबर तक जिले को ओडीएफ करना था। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इस अभियान को लेकर अफसरों की परेशानी बढ़ने लगी है। तमाम प्रयास के बाद भी ग्रामीणों के हाथ से लोटा नहीं छूट सका।
मौजूदा सरकार ने जिले को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाने के लिए 31 दिसंबर तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य का निर्धारण होने के बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा के नेतृत्व में पंचायती राज विभाग की टीम कड़ी मशक्कत कर रही है। डीपीआरओ कमल किशोर के अलावा अन्य विभागाध्यक्षों द्वारा लोगों को खुले में शौच न जाने और शौचालय बनवाने के लिए मार्निंग फालोअप के जरिए प्रेरित किया जा रहा है। अफसरों के समझाने के बावजूद लोगों के मन मस्तिष्क में खुले में शौच न करने की बात समझ में नहीं आ रही है। गांवों में शौचालय का निर्माण कराने और मार्निंग फालोअप करने के बाद अफसर यह मान बैठते हैं कि ग्रामीण अब खुले में शौच नहीं जा रहे हैं। उस गांव को कागजों में ओडीएफ घोषित कर दिया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण हैं कि वह मानने को तैयार ही नहीं है। सुबह हो या शाम उनके हाथों से लोटा नहीं छूट रहा है। बानगी के तौर पर ओडीएफ हो चुके कड़ा ब्लॉक के अफजलपुर सातौं गांव को लिया जा सका है। इस ग्राम सभा में 571 शौचालय का निर्माण कराकर पूर्ण रूप से ओडीएफ किया जा चुका है। बावजूद इसके ग्रामीण खुले में शौच जाना नहीं बंद कर रहे हैं। इससे साफ है कि शासन का करोड़ों रुपया प्रशासन भले ही खर्च करते हुए शौचालयों का निर्माण करा दे पर जिले के ग्रामीणों को खुले में शौच से रोक पाना टेढ़ी खीर है।
विज्ञापन



इनसेट
गंगा एक्शन प्लान के गांवों का भी बुराहाल
केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद दो जून वर्ष 2014 से गंगा एक्शन प्लान चलाया जा रहा है। इसके तहत गंगा किनारे बसी 33 ग्राम सभाओं का मलबा गंगा में जाने से रोकने के लिए घर-घर शौचालयों का निर्माण कराया गया। बावजूद इसके गंगा में गांवों की गंदगी लगातार जा रही है। मौजूदा समय में हालात ऐसे हैं कि 33 में सभी ग्राम सभाओं की गंदगी गंगा में पहुंच रही है। हद तो तब हो रही है कि एक्शन प्लान के तहत लोगों के शौचालय तो बनवा दिए गए पर खुले में शौच पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



क्या कहते हैं अधिकारी
जिले को 31 दिसंबर तक पूर्ण ओडीएफ कर दिया जाएगा। खुले में शौच के प्रति ग्रामीणों की मानसिकता धीरे-धीरे बदलेगी। इसके लिए मार्निंग फालोअप के जरिए गांव-गांव ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है।
डीके दोहरे
सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed