{"_id":"5cb1e427bdec2214450234ab","slug":"171555162151-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल में फ्लैग मार्च, भूख हड़ताल की अफवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल में फ्लैग मार्च, भूख हड़ताल की अफवाह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेल में फ्लैग मार्च, भूख हड़ताल की अफवाह
जेलर बोले, अचानक फायर होने और बेल बजने के कारण असलियत समझ नहीं पाए लोग
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिला कारागार में शुक्रवार रात जेल अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया। सुबह बंदियों, कैदियों के भूख हड़ताल पर बैठे होने की अफवाह उड़ गई। बाद में जेलर ने स्थिति स्पष्ट की।
जेल अधीक्षक बीएस मुकुंद ने बताया कि रुटीन में फ्लैग मार्च किया गया था। इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता को पहले ही दे दी गई थी। मार्च के दौरान आपातकालीन घंटी बजाई गई। साथ में फायरिंग भी हुई। इसकी आवाज सुनकर आसपास बसे गांवों में रहने वाले लोग कुछ समझ नहीं पाए। सुबह सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ा दी गई कि अवैध वसूली के खिलाफ बंदी-कैदी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। भूख हड़ताल की खबर पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जेलर से पूछताछ की। उन्होंने अपने स्तर से गोपनीय जांच भी कराई। जिसमें हड़ताल की बात पूरी तरह से गलत निकली। बतादें कि इससे पहले भी जेल को लेकर कई बार सोशल मीडिया पर अफवाहें उड़ी हैं। हर दफा जांच में मामला फर्जी पाया गया है।
विज्ञापन
जेलर बोले, अचानक फायर होने और बेल बजने के कारण असलियत समझ नहीं पाए लोग
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिला कारागार में शुक्रवार रात जेल अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया। सुबह बंदियों, कैदियों के भूख हड़ताल पर बैठे होने की अफवाह उड़ गई। बाद में जेलर ने स्थिति स्पष्ट की।
जेल अधीक्षक बीएस मुकुंद ने बताया कि रुटीन में फ्लैग मार्च किया गया था। इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता को पहले ही दे दी गई थी। मार्च के दौरान आपातकालीन घंटी बजाई गई। साथ में फायरिंग भी हुई। इसकी आवाज सुनकर आसपास बसे गांवों में रहने वाले लोग कुछ समझ नहीं पाए। सुबह सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ा दी गई कि अवैध वसूली के खिलाफ बंदी-कैदी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। भूख हड़ताल की खबर पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जेलर से पूछताछ की। उन्होंने अपने स्तर से गोपनीय जांच भी कराई। जिसमें हड़ताल की बात पूरी तरह से गलत निकली। बतादें कि इससे पहले भी जेल को लेकर कई बार सोशल मीडिया पर अफवाहें उड़ी हैं। हर दफा जांच में मामला फर्जी पाया गया है।
विज्ञापन