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गांवों में 48 घंटे से बती गुल, पानी का संकट
Updated Sat, 26 May 2018 08:44 PM IST
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मंझनपुर। जिले के कई प्रमुख कस्बों के साथ ही करीब 500 गांवों में 48 घंटे से बत्ती गुल है। आंधी-तूफान में ध्वस्त हुए बिजली के खंभे व तार टूटने से समस्या खड़ी हुई है। बिजली विभाग की लगातार कवायद के बावजूद शनिवार की शाम तक ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही सरायअकिल, करारी, पश्चिमशरीरा आदि कस्बों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। इससे पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण और रोजेदार उमसभरी भीषण गर्मी में बिलबिलाते रहे। विभागीय अफसरों की मानें तो आपूर्ति बहाली में अभी दो दिन और लगने की संभावना है।
गुरुवार की रात तकरीबन नौ बजे चक्रवाती तूफान आया था। इसमें जिले का दो तिहाई हिस्सा जबर्दस्त प्रभावित हुआ था। मंझनपुर और चायल तहसील क्षेत्र में करीब डेढ़ हजार सरकारी एवं प्राइवेट बिजली के खंभे टूट गए थे। बड़ी संख्या में जगह-जगह तारें टूट गई थी। 33/11 पर पेड़ गिरने से करीब दो दर्जन उपकेंद्र पूरी तरह से ठप हो गए थे। नतीजतन जिला मुख्यालय मंझनपुर, करारी, सरायअकिल, पश्चिमशरीरा चायल, मनौरी आदि कस्बों के साथ ही इन क्षेत्रों के 500 गांवों की बत्ती गुल हो गई थी। बिजली विभाग के तकनीकी इंजीनियरों ने रात-दिन एक कर किसी तरह से 33/11 दुरुस्त कर उपकेंद्रों की सप्लाई बहाल की। इसके बाद 21 घंटे बाद जिला मुख्यालय मंझनपुर, डिस्टिक हॉस्पिटल, जिला कारागार एवं कलक्ट्रेट में आपूर्ति चालू हो सकी। पर, बाकी हिस्सों की स्थिति जस की तस बनी रही।
शनिवार को भी दिनभर विभागीय कर्मी फाल्ट दुरुस्त करने में पसीना बहाते रहे। पर, बड़ी संख्या में खंभा टूटने से दिक्कत बनी रही। करारी, सरायअकिल, पश्विमशरीरा आदि प्रमुख कस्बों, बाजारों में 48 घंटे से लगातार आपूर्ति बाधित होने के कारण लोग उमस भी गर्मी से बेहाल हैं। बिजली के अभाव में पेयजल आपूर्ति भी ठप रही। गिनेचुने हैंडपंपों में बूंद-बूंद पानी के लिए लोग लाइन लगाते दिखे। सर्वाधिक परेशानी रोजेदारों को हो रही है। अधीक्षण अभियंता तारिक जलील का कहना है कि बड़ी संख्या में पोल टूटे हैं। लिहाजा इन्हें बदलकर आपूर्ति बहाल करने में अभी दो दिन का वक्त और लगने की संभावना है।
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गुरुवार की रात तकरीबन नौ बजे चक्रवाती तूफान आया था। इसमें जिले का दो तिहाई हिस्सा जबर्दस्त प्रभावित हुआ था। मंझनपुर और चायल तहसील क्षेत्र में करीब डेढ़ हजार सरकारी एवं प्राइवेट बिजली के खंभे टूट गए थे। बड़ी संख्या में जगह-जगह तारें टूट गई थी। 33/11 पर पेड़ गिरने से करीब दो दर्जन उपकेंद्र पूरी तरह से ठप हो गए थे। नतीजतन जिला मुख्यालय मंझनपुर, करारी, सरायअकिल, पश्चिमशरीरा चायल, मनौरी आदि कस्बों के साथ ही इन क्षेत्रों के 500 गांवों की बत्ती गुल हो गई थी। बिजली विभाग के तकनीकी इंजीनियरों ने रात-दिन एक कर किसी तरह से 33/11 दुरुस्त कर उपकेंद्रों की सप्लाई बहाल की। इसके बाद 21 घंटे बाद जिला मुख्यालय मंझनपुर, डिस्टिक हॉस्पिटल, जिला कारागार एवं कलक्ट्रेट में आपूर्ति चालू हो सकी। पर, बाकी हिस्सों की स्थिति जस की तस बनी रही।
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शनिवार को भी दिनभर विभागीय कर्मी फाल्ट दुरुस्त करने में पसीना बहाते रहे। पर, बड़ी संख्या में खंभा टूटने से दिक्कत बनी रही। करारी, सरायअकिल, पश्विमशरीरा आदि प्रमुख कस्बों, बाजारों में 48 घंटे से लगातार आपूर्ति बाधित होने के कारण लोग उमस भी गर्मी से बेहाल हैं। बिजली के अभाव में पेयजल आपूर्ति भी ठप रही। गिनेचुने हैंडपंपों में बूंद-बूंद पानी के लिए लोग लाइन लगाते दिखे। सर्वाधिक परेशानी रोजेदारों को हो रही है। अधीक्षण अभियंता तारिक जलील का कहना है कि बड़ी संख्या में पोल टूटे हैं। लिहाजा इन्हें बदलकर आपूर्ति बहाल करने में अभी दो दिन का वक्त और लगने की संभावना है।
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