{"_id":"5bd4b8babdec22697879bc97","slug":"141540667578-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले गुरुजी से रिकवरी की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले गुरुजी से रिकवरी की तैयारी
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। फर्जी डिग्री से जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनाती पाकर पगार लेने वाले गुरुओं की मुश्किल और बढ़ने वाली है। बर्खास्तगी और एफआईआर के बाद अब शिक्षा विभाग वेतन के मद में निकाले गए धन की रिकवरी की तैयारी कर रहा है। बीएसए ने इसके लिए सभी बीआरसी से ब्योरा तलब किया है।
जिले में वर्ष 2012 से लेकर वर्ष 2014 तक 23 लोगों ने फर्जी डिग्री लगाकर सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली थी। बेसिक शिक्षा विभाग ने अभिलेखों का सत्यापन कराया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। नोटिस जारी होने के बाद भी कथित शिक्षकों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसे लेकर तत्कालीन बीएसए ने 23 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। एक महीने पहले शासन की सख्ती के बाद फर्जी डिग्री लगाकर सहायक अध्यापक बने लोेगों पर शिकंजा कसने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अब विभाग उन शिक्षकों के वेतन और एरियर के मद में हुए भुगतान का ब्योरा जुटा रहा है।
वहीं बीएसए का कहना है कि फर्जी डिग्री लगाकर जिले में नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विभाग से उन लोगों ने जितना पैसा पगार के रूप में लिया है, उसकी रिकवरी की तैयारी की जा रही है। पहले नोटिस भेजकर पैसा जमा करने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद भी पैसा नहीं जमा करने पर राजस्व विभाग की तरह वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में वर्ष 2012 से लेकर वर्ष 2014 तक 23 लोगों ने फर्जी डिग्री लगाकर सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली थी। बेसिक शिक्षा विभाग ने अभिलेखों का सत्यापन कराया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। नोटिस जारी होने के बाद भी कथित शिक्षकों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसे लेकर तत्कालीन बीएसए ने 23 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। एक महीने पहले शासन की सख्ती के बाद फर्जी डिग्री लगाकर सहायक अध्यापक बने लोेगों पर शिकंजा कसने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अब विभाग उन शिक्षकों के वेतन और एरियर के मद में हुए भुगतान का ब्योरा जुटा रहा है।
विज्ञापन
वहीं बीएसए का कहना है कि फर्जी डिग्री लगाकर जिले में नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विभाग से उन लोगों ने जितना पैसा पगार के रूप में लिया है, उसकी रिकवरी की तैयारी की जा रही है। पहले नोटिस भेजकर पैसा जमा करने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद भी पैसा नहीं जमा करने पर राजस्व विभाग की तरह वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
विज्ञापन