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भारत-पाक युद्ध के शहीद की जमीन छीने जाने पर जवाब तलब

Sun, 27 Aug 2017 12:54 AM IST
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:54 AM IST
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भारत-पाक युद्ध के शहीद की जमीन छीने जाने पर जवाब तलब
शहीद की जमीन छीनने पर जवाब तलब
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एसडीएम और चकबंदी अधिकारी से डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण
तहसील प्रशासन में मची खलबली, विधिक राय भी मांगी गई
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर ।
वर्ष 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए बच्चूलाल यादव के आश्रितों को मिली पट्टे की जमीन 45 साल बाद छीने जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अमर उजाला में शुक्रवार के अंक में खबर प्रकाशित होते ही डीएम ने चकबंदी अधिकारी (प्रथम) और एसडीएम चायल से जवाब तलब किया है। यह भी पूछा है कि किन परिस्थितियों में पट्टा दिया गया और अधिकारियों के संज्ञान में लाए बिना पट्टा खारिज कैसे कर दिया गया। दोबारा भूमि आश्रितों को देने के लिए विधिक राय भी ली जा रही है।
चायल तहसील क्षेत्र के जलालपुर शाना निवासी बच्चूलाल यादव फौज में लांसनायक थे। वर्ष 1971 में 14 दिसंबर को पाकिस्तान से हुए युद्ध में शहीद हो गए थे। उस समय उनका सबसे छोटा बेटा दो साल का था। बच्चूलाल के निधन से पत्नी केलापति बेसुध रहने लगी थीं। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वर्ष 1972 में संवेदना पत्र भेजकर शहीद के आश्रितों को दस बीघा जमीन का पट्टा दिलाया था। पत्नी केलापति ने इसी जमीन के सहारे अपने बच्चों की परवरिश की थी। परिणाम यह रहा कि फौजी पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए बड़ा बेटा राजेंद्र कुमार और मझला बेटा कृष्ण कुमार सरहद की सुरक्षा के लिए फौज में भर्ती हो गए। छोटा बेटा राजकुमार किसान है। संवेदना पत्र के आधार पर मिले जमीन के पट्टे को चकबंदी अधिकारी ने खारिज कर दिया। हवाला दिया गया कि पट्टा तालाब और शमशान की भूमि पर था। चकबंदी अधिकारी प्रथम ने यह कार्रवाई कर एसडीएम को रिपोर्ट भेज दी थी। अमर उजाला ने इस खबर को शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम चायल अश्विनी श्रीवास्तव और चकबंदी अधिकारी (प्रथम) विजय प्रताप सिंह से जवाब तलब किया है। शहीद के सबसे छोटे बेटे राजकुमार यादव ने दोबारा जमीन पाने के लिए आवेदन किया। मगर तहसील प्रशासन ने यह कहकर खारिज कर दिया कि अब वह अपात्र हैं। इसे भी डीएम ने गंभीरता से लिया है और दोबारा पट्टा देने के लिए विधिक राय भी मांगी है।
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शहीद की कुर्बानी से खिलवाड़ नहीं होने दूंगा : विधायक
शहीद बच्चूलाल यादव के आश्रितों के साथ प्रशासन ने जो मजाक किया है उससे चायल विधायक संजय गुप्ता खफा हैं। विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वर्ष 1971 में हुआ भारत-पाकिस्तान का युद्ध ऐतिहासिक था। गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस पर हम ऐसे ही सैनिकों की शहादत का जिक्र कर अपना सिर गर्व से ऊंचा करते हैं और उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। शहीद बच्चूलाल यादव के आश्रितों को जो जमीन मिली थी, वह कैसे छीनी गई, इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन उन्हें दोबारा उतनी ही भूमि कैसे मिलेगी, इसके लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगे। शहीद की कुर्बानी से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर नहीं होने दूंगा। यह मामला विधानसभा में भी उठाया जाएगा। यह शहीद सैनिकों के सम्मान का मामला है। इसकी अनदेखी ही करना अपराध है।
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