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सीबीआई की आहट ने हैरान हुए लाल सोने के सौदागर
Updated Mon, 03 Jul 2017 09:31 PM IST
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मंझनपुर।
जिले में सिंडीकेट के सहारे बड़े पैमाने पर हुए अवैध खनन मामले में सीबीआई के दोबारा आने की आहट से अवैध खनन करने वालों नींद उड़ गई है। सोमवार को सीबीआई टीम के आने की भनक लगी तो वे दिन भर कलक्ट्रेट, खनन विभाग व कांशीराम आवास में लोकेशन लेते रहे। हालांकि देर शाम तक सीबीआई टीम दस्तक नहीं दे सकी थी। मगर अवैध खनन में लिप्त लोग दिन भर बेचैन रहे।
न्यायालय के आदेश पर पिछले साल 18 अगस्त को जिले में आई सीबीआई टीम ने एक वर्ष बाद सिंडीकेट व उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद सीबीआई टीम के जिले में आने को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया। इससे अवैध खनन करने वालों की नींद उड़ गई है।
सीबीआई टीम आ रही है कि नहीं, इसे लेकर दिन भर बालू कारोबारी कलक्ट्रेट, खनन कार्यालय और कांशीराम स्थित आवास में लोकेशन लेते रहे। इस दौरान अवैध खनन करने के आरोपियों की सांसें इस बात को लेकर तेज-धीम होती रहीं कि आखिर अब क्या होगा।
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सीबीआई टीम आने की आहट ने छीना चैन
देर शाम तक नहीं पहुंच सकी थी सीबीआई टीम, खनन माफियाओं का छिना रहा चैन
सीबीआई द्वारा सीज बालू बेचने वाले क्या देंगे जवाब
पिछले साल अगस्त माह में आई सीबीआई ने अवैध खनन को लेकर एक-एक घाटों की खाक छानी थी। इस दौरान औधन, तिल्हापुर, कटैया, महिला, कटरी, पभोसा आदि दर्जन भर घाटों पर बड़ी मात्रा में डंप बालू को टीम ने सीज कर दिया था। सीबीआई द्वारा बालू सीज किए जाने के बाद किसी को भी खनन विभाग से रवन्ना जारी नहीं किया गया।
बावजूद इसके स्थानीय पुलिस व तहसील प्रशासन की मिलीभगत से कारोबारियों ने सीज बालू बेंच दी थी। अब सीबीआई के दोबारा जिले में आने की आहट मिलते ही बालू बेंचने वालों का चैन छिन गया है। उन्हें राह नहीं सूझ रही कि मौके से गायब हुई बालू को लेकर आखिर वे सीबीआई को क्या जवाब देंगे।
खेत मालिक खोलेंगे बिकी बालू का राज
अवैध खनन की एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई टीम का जिले में आना तय है। आने के बाद उसके द्वारा सीज की गई अवैध खनन की बालू का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। मौके से गायब बालू को देख टीम खेत मालिक से संपर्क साध सकती है। ऐसा हुआ तो उनके खेत में किसकी बालू डंप थी और किसने बेंचा, इस रहस्य से पर्दा उठने में तनिक भी देर नहीं लगेगी। इसे लेकर सीज बालू बेंचने वाले कारोबारियों की नींद हराम है।
सीबीआई जांच के बाद अफसरों माना हुआ अवैध खनन
कौशाम्बी के यमुना घाटों से बालू का अवैध खनन हुआ। इस बात से हमेशा जिले के अफसर कतराते। सीबीआई आने से पहले उन्हें अवैध खनन नहीं दिखा। पखवारे भर जिले में रही सीबीआई टीम ने यमुना की तराई 30 स्थानों पर बालू डंप पाया था, जो पूरी तरह से अवैध था। उसे सीबीआई ने सीज कर दिया था।
सीबीआई टीम के सामने क्या दिया था बयान
कौशाम्बी में सीबीआई टीम के दोबारा आने की आहट मिलते ही बालू माफियाओं और उनके सहयोगी परेशान हैं। सोमवार को वे दिन भर सीबीआई के समक्ष दिए गए पुराने बयान को याद करने में जुटे रहे। आरोपियों का मानना है कि बयान में जरा सा भी फेरबदल हुआ तो उनकी गर्दन कार्रवाई की जद में आनी तय है।
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जिले में सिंडीकेट के सहारे बड़े पैमाने पर हुए अवैध खनन मामले में सीबीआई के दोबारा आने की आहट से अवैध खनन करने वालों नींद उड़ गई है। सोमवार को सीबीआई टीम के आने की भनक लगी तो वे दिन भर कलक्ट्रेट, खनन विभाग व कांशीराम आवास में लोकेशन लेते रहे। हालांकि देर शाम तक सीबीआई टीम दस्तक नहीं दे सकी थी। मगर अवैध खनन में लिप्त लोग दिन भर बेचैन रहे।
न्यायालय के आदेश पर पिछले साल 18 अगस्त को जिले में आई सीबीआई टीम ने एक वर्ष बाद सिंडीकेट व उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद सीबीआई टीम के जिले में आने को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया। इससे अवैध खनन करने वालों की नींद उड़ गई है।
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सीबीआई टीम आ रही है कि नहीं, इसे लेकर दिन भर बालू कारोबारी कलक्ट्रेट, खनन कार्यालय और कांशीराम स्थित आवास में लोकेशन लेते रहे। इस दौरान अवैध खनन करने के आरोपियों की सांसें इस बात को लेकर तेज-धीम होती रहीं कि आखिर अब क्या होगा।
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सीबीआई टीम आने की आहट ने छीना चैन
देर शाम तक नहीं पहुंच सकी थी सीबीआई टीम, खनन माफियाओं का छिना रहा चैन
सीबीआई द्वारा सीज बालू बेचने वाले क्या देंगे जवाब
पिछले साल अगस्त माह में आई सीबीआई ने अवैध खनन को लेकर एक-एक घाटों की खाक छानी थी। इस दौरान औधन, तिल्हापुर, कटैया, महिला, कटरी, पभोसा आदि दर्जन भर घाटों पर बड़ी मात्रा में डंप बालू को टीम ने सीज कर दिया था। सीबीआई द्वारा बालू सीज किए जाने के बाद किसी को भी खनन विभाग से रवन्ना जारी नहीं किया गया।
बावजूद इसके स्थानीय पुलिस व तहसील प्रशासन की मिलीभगत से कारोबारियों ने सीज बालू बेंच दी थी। अब सीबीआई के दोबारा जिले में आने की आहट मिलते ही बालू बेंचने वालों का चैन छिन गया है। उन्हें राह नहीं सूझ रही कि मौके से गायब हुई बालू को लेकर आखिर वे सीबीआई को क्या जवाब देंगे।
खेत मालिक खोलेंगे बिकी बालू का राज
अवैध खनन की एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई टीम का जिले में आना तय है। आने के बाद उसके द्वारा सीज की गई अवैध खनन की बालू का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। मौके से गायब बालू को देख टीम खेत मालिक से संपर्क साध सकती है। ऐसा हुआ तो उनके खेत में किसकी बालू डंप थी और किसने बेंचा, इस रहस्य से पर्दा उठने में तनिक भी देर नहीं लगेगी। इसे लेकर सीज बालू बेंचने वाले कारोबारियों की नींद हराम है।
सीबीआई जांच के बाद अफसरों माना हुआ अवैध खनन
कौशाम्बी के यमुना घाटों से बालू का अवैध खनन हुआ। इस बात से हमेशा जिले के अफसर कतराते। सीबीआई आने से पहले उन्हें अवैध खनन नहीं दिखा। पखवारे भर जिले में रही सीबीआई टीम ने यमुना की तराई 30 स्थानों पर बालू डंप पाया था, जो पूरी तरह से अवैध था। उसे सीबीआई ने सीज कर दिया था।
सीबीआई टीम के सामने क्या दिया था बयान
कौशाम्बी में सीबीआई टीम के दोबारा आने की आहट मिलते ही बालू माफियाओं और उनके सहयोगी परेशान हैं। सोमवार को वे दिन भर सीबीआई के समक्ष दिए गए पुराने बयान को याद करने में जुटे रहे। आरोपियों का मानना है कि बयान में जरा सा भी फेरबदल हुआ तो उनकी गर्दन कार्रवाई की जद में आनी तय है।