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बहुजन भोज के बहाने आरक्षण विरोधियों पर बोला हमला
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बहुजन भोज के बहाने आरक्षण विरोधियों पर बोला हमला
डायट मैदान में धूमधाम से मनाई गई संत गाडगे की 143 वीं जयंती
फोटो नं-03,04
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। मुख्यालय के डायट मैदान में मंगलवार को संत गाडगे की 143 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में बहुजन भोज का भी आयोजन था। वक्ताओं ने जयंती के मौके पर आरक्षण का विरोध करने वालों का डटकर मुकाबला करने के लिए समाज के लोगों का आह्वान किया।
पूर्व विधायक रामसजीवन निर्मल ने कहा कि राजा प्रथा डॉ. बीआर अंबेडकर के संविधान में समाप्त हो चुकी है। जनता व बहुजन समाज ही लोकतंत्र की असली ताकत है। गाडगे महराज से प्रेरणा लेकर समाज में समता व सम्पन्नता लाना है। कहा कि शिक्षा ही वह अमूल्य धरोधर है, जिससे समस्त जंग जीती जा सकती है। समाज के लोगों को धनवानों व गुलामीगीरी कराने वाले लोगों से दूर रहना है। जनबल के सहारे ही लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है। इलाहाबाद विश्व विद्यालय के पूर्व अध्यक्ष हेमन्त टुन्नू ने समाज के संगठन व एकता पर बल दिया। इस मौके पर वीरेंद्र निर्मल, संगम लाल चौधरी, देशराज पटारिया, रामकरन निर्मल, उजैर खान, रामनाथ चौधरी, सुनील चौधरी, छितानी लाल, चोखेलाल, मथुरा प्रसाद, मीतू कनौजिया, राजेश दिवाकर, रामचंद्र सरोज, सुंदर लाल, शिवेंद्र सरोज, धीरज निर्मल, कमलेश सरोज आदि लोग मौजूद रहे।
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डायट मैदान में धूमधाम से मनाई गई संत गाडगे की 143 वीं जयंती
फोटो नं-03,04
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। मुख्यालय के डायट मैदान में मंगलवार को संत गाडगे की 143 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में बहुजन भोज का भी आयोजन था। वक्ताओं ने जयंती के मौके पर आरक्षण का विरोध करने वालों का डटकर मुकाबला करने के लिए समाज के लोगों का आह्वान किया।
पूर्व विधायक रामसजीवन निर्मल ने कहा कि राजा प्रथा डॉ. बीआर अंबेडकर के संविधान में समाप्त हो चुकी है। जनता व बहुजन समाज ही लोकतंत्र की असली ताकत है। गाडगे महराज से प्रेरणा लेकर समाज में समता व सम्पन्नता लाना है। कहा कि शिक्षा ही वह अमूल्य धरोधर है, जिससे समस्त जंग जीती जा सकती है। समाज के लोगों को धनवानों व गुलामीगीरी कराने वाले लोगों से दूर रहना है। जनबल के सहारे ही लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है। इलाहाबाद विश्व विद्यालय के पूर्व अध्यक्ष हेमन्त टुन्नू ने समाज के संगठन व एकता पर बल दिया। इस मौके पर वीरेंद्र निर्मल, संगम लाल चौधरी, देशराज पटारिया, रामकरन निर्मल, उजैर खान, रामनाथ चौधरी, सुनील चौधरी, छितानी लाल, चोखेलाल, मथुरा प्रसाद, मीतू कनौजिया, राजेश दिवाकर, रामचंद्र सरोज, सुंदर लाल, शिवेंद्र सरोज, धीरज निर्मल, कमलेश सरोज आदि लोग मौजूद रहे।
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