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छात्रा को अगवा कर दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की सजा
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अरविंद कुमार द्वितीय की अदालत ने छात्रा को अगवा कर दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी युवक को दस साल की सजा सुनाने के साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने जुर्माने की पूरी रकम पीड़िता को मुहैया कराने का भी आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार सैनी कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी कक्षा नौ की छात्रा थी। 24 अप्रैल वर्ष 2014 को छात्रा घर से स्कूल परीक्षा देने गई थी। इस बीच उसे फतेहपुर जनपद के नगर कोतवाली के पनी गांव निवासी इरशाद ने अगवा कर लिया। मामले में छात्रा के पिता ने कोतवाली में अपहरण का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने छात्रा को बरामद किया तो उसने दुष्कर्म की भी बात बताई। मुकदमे की विवचेना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में चली। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र त्रिपाठी ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर आरोपी को सजा दिलाने की वकालत की। दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
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अभियोजन के अनुसार सैनी कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी कक्षा नौ की छात्रा थी। 24 अप्रैल वर्ष 2014 को छात्रा घर से स्कूल परीक्षा देने गई थी। इस बीच उसे फतेहपुर जनपद के नगर कोतवाली के पनी गांव निवासी इरशाद ने अगवा कर लिया। मामले में छात्रा के पिता ने कोतवाली में अपहरण का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
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एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने छात्रा को बरामद किया तो उसने दुष्कर्म की भी बात बताई। मुकदमे की विवचेना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में चली। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र त्रिपाठी ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर आरोपी को सजा दिलाने की वकालत की। दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
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