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काशी का विश्व प्रसिद्ध नागनथैया मेला कल, कालियानाग के फन पर कान्हा बजाएंगे बंसी
Wed, 30 Oct 2019 07:50 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 30 Oct 2019 07:50 PM IST
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कार्तिक शुक्ल चतुर्थी गुरुवार की शाम को वाराणसी के तुलसीघाट पर भगवान श्रीकृष्ण की नागनथैया लीला सजेगी। लीला में ठीम शाम 4:40 बजे प्रभु कदंब की डाल से कूदेंगे और कालिय नाग को नाथकर उसके फन पर नृत्य मुद्रा में बांसुरी बजाते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
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अखाड़ा गोस्वामी तुलसीसदास की ओर से आयोजित लीला को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है। भगवान शिव की नगरी काशी में अद्भुत नजारा होगा जब सुरसरि का तट यमुना में तब्दील हो जाएगा। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ बंशीधर नटवर नागर का जयकारा भी गूंजेगा।
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कदंब की डाल से गेंद निकालने भगवान श्रीकृष्ण यमुना बनी गंगा में छलांग लगाएंगे। नदी में कालिया नाग को नथने के बाद बंसी बजाते हुए प्रभु श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। गंगा की लहरों पर सजने वाली नटवर नागर की लीला के दर्शन कर भक्त भी निहाल हो उठेंगे।
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दिन ढलने के साथ ही सतरंगी रौशनी से घाट और नदी के तट जगमगा उठेंगे। काशी में प्रतिवर्ष गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित माने जाने वाली लीला को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। देर रात तक चलने वाले लक्खा मेले की 493 सालों की परंपरा को निभाने के लिए काशी वासियों का उत्साह देखते ही बनता है।