कासगंज। आर्य समाज के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन गंगा देवी धर्मशाला में यज्ञ हुआ। आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री, भजनोपदेशक संदीप गिल, आचार्या डॉ. धारणा यज्ञनी तथा स्वामी योगेश्वरानंद सरस्वती ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां प्रदान कीं। इस अवसर पर आचार्य शंकर मित्र वेदालंकार ने यज्ञ के महत्व पर प्रवचन देते हुए कहा कि यज्ञ ही सच्चे स्वरूप का प्रतीक है। यह संपूर्ण संसार के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने बताया कि यज्ञ में अग्नि देवता को समर्पित की गई घी एवं यज्ञ सामग्री सूक्ष्म रूप में वायु देवता के माध्यम से समस्त देवताओं तक पहुंचती है, जिससे पर्यावरण शुद्ध होता है और विश्व कल्याण संभव होता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ एक प्राकृतिक उपचार है, जो शारीरिक, मानसिक और पर्यावरणीय शुद्धता प्रदान करता है। इस दौरान आर्य समाज के मंत्री सर्वोत्तम, संचालक दिनेश चंद्र बिड़ला, कोषाध्यक्ष राकेश माहेश्वरी, अध्यक्ष विजय प्रकाश आर्य, प्रमोद साहू, चंद्र प्रकाश, अनुज, आरती, हेमा, कविता आदि मौजूद रहे।