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Kasganj News: महिला की मौत के बाद वार्ड और ओपीडी कक्ष सील
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फोटो 32 कासगंज में महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम क्लीनिक का निरीक्षण करती। स्रोत:
कासगंज। लाइफ हेल्थ केयर क्लीनिक पर महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक का निरीक्षण किया। क्लीनिक बिना पंजीकरण के संचालित मिला। टीम ने मंगलवार को ओपीडी और वार्ड को सील कर दिया है।
सोरोंजी के गांव शाहपुर माफी निवासी भारत भूषण ने अपनी सास प्रेमादेवी (50) निवासी गांव नगला सरोट पछाया थाना जशरथपुर जिला एटा को रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी सोमवार को उनकी मौत हो गई।
मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल के निर्देश पर नोडल अधिकारी (चिकित्सा पंजीकरण) डॉ. कुंवर उत्कर्ष अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
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जांच में पाया गया कि संबंधित क्लीनिक का स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण ही नहीं था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इतना ही नहीं, निरीक्षण के समय न तो कोई चिकित्सक मौजूद था और न ही कोई क्लीनिक का स्टाफ। मृतका के उपचार से संबंधित कोई दस्तावेज या रिकॉर्ड भी नहीं मिले।
प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनियमितताओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से क्लीनिक के ओपीडी और वार्ड को सील कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल ने कहा कि केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थानों में ही उपचार कराएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध या अपंजीकृत क्लीनिक की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें।
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सोरोंजी के गांव शाहपुर माफी निवासी भारत भूषण ने अपनी सास प्रेमादेवी (50) निवासी गांव नगला सरोट पछाया थाना जशरथपुर जिला एटा को रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी सोमवार को उनकी मौत हो गई।
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मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल के निर्देश पर नोडल अधिकारी (चिकित्सा पंजीकरण) डॉ. कुंवर उत्कर्ष अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
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जांच में पाया गया कि संबंधित क्लीनिक का स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण ही नहीं था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इतना ही नहीं, निरीक्षण के समय न तो कोई चिकित्सक मौजूद था और न ही कोई क्लीनिक का स्टाफ। मृतका के उपचार से संबंधित कोई दस्तावेज या रिकॉर्ड भी नहीं मिले।
प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनियमितताओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से क्लीनिक के ओपीडी और वार्ड को सील कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल ने कहा कि केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थानों में ही उपचार कराएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध या अपंजीकृत क्लीनिक की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें।