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Kasganj News: बरसीम की बुवाई का यह सही समय
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मोहनपुरा। पशुओं के उचित पोषण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए हरा चारा बेहद जरूरी है। रबी सीजन में बरसीम की फसल हरे चारे का बेहतरीन साधन है जो पशुओं के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक होने के साथ 5 से 6 कटाई आसानी से देती है।
कृषि विज्ञान केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार पटेल ने बताया कि वर्तमान समय बरसीम की बुवाई के लिए उचित है। इस फसल को 20 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है। खेत में देसी खाद डालकर अच्छी जुताई के बाद 10 से 12 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से अच्छी गुणवत्ता वाले बीज को एक समान रूप से बोना चाहिए।
केवीके के पादप संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. रितेश कुमार ने बताया कि फसल में अफिड, व्हाइट फ्लाई, लीफ माइनर कीट और रूट रॉट, स्टेम रॉट व डाउनी मिल्डयू जैसे रोग लग सकते हैं। इनकी रोकथाम के लिए 1 से 2 लीटर प्रति एकड़ नीम का तेल, ट्राईकोडर्मा, बीटी, ब्यूवेरिया वेशियाना या बेसिलस सबटिलिस जैसे बायो कीटनाशक व फंगल दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। संवाद
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कृषि विज्ञान केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार पटेल ने बताया कि वर्तमान समय बरसीम की बुवाई के लिए उचित है। इस फसल को 20 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है। खेत में देसी खाद डालकर अच्छी जुताई के बाद 10 से 12 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से अच्छी गुणवत्ता वाले बीज को एक समान रूप से बोना चाहिए।
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केवीके के पादप संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. रितेश कुमार ने बताया कि फसल में अफिड, व्हाइट फ्लाई, लीफ माइनर कीट और रूट रॉट, स्टेम रॉट व डाउनी मिल्डयू जैसे रोग लग सकते हैं। इनकी रोकथाम के लिए 1 से 2 लीटर प्रति एकड़ नीम का तेल, ट्राईकोडर्मा, बीटी, ब्यूवेरिया वेशियाना या बेसिलस सबटिलिस जैसे बायो कीटनाशक व फंगल दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। संवाद
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