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Kasganj News: मौसम के बदले मिजाज से किसानों के चेहरे खिले
Fri, 23 Jan 2026 11:24 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:24 PM IST
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फोटो04कासगंज में एक खेत में तैयार सरसों की फसल। संवाद
कासगंज। जिले में मौसम के बदले रुख ने किसानों को बड़ी राहत दी है। बीते कई दिनों से लगातार बढ़ते तापमान के कारण रबी की फसलों को लेकर किसान चिंता में थे, लेकिन शुक्रवार को मौसम में आए बदलाव से हालात बेहतर हो गए हैं। तापमान में गिरावट से किसान खुश हैं। इसे वो रबी की फसल के लिए फायदेमंद मान रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से तेज धूप और बढ़ते पारे के चलते खेतों की नमी तेजी से कम हो रही थी। इससे गेहूं और सरसों की फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई थी। खासकर गेहूं की फसल इस समय बाल निकलने की अवस्था में है, ऐसे में अधिक तापमान फसल के लिए नुकसानदायक माना जा रहा था। शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर बादल छाए रहे और कई इलाकों में बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चली। इसके चलते तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम ठंडा होने से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे फसलों को संजीवनी मिली है।
किसानों का कहना है कि बढ़ी हुई नमी से सिंचाई की जरूरत कम होगी और फसलों की वृद्धि बेहतर होगी। यदि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहा तो गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी फसलों के उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। मौसम के इस बदले मिजाज को किसान अपनी मेहनत के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं।
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जिला कृषि अधिकारी, डॉ. अवधेश मिश्रा, कहते हैं कि रबी फसलों के लिए यह मौसम काफी अनुकूल है। हल्की ठंड और नमी गेहूं में बाल और दाने की गुणवत्ता सुधारने में मदद करती है। वहीं सरसों की फसल में दाना भरने की प्रक्रिया तेज होती है। ओलावृष्टि होने पर नुकसान हो सकता है।
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पिछले कुछ दिनों से तेज धूप और बढ़ते पारे के चलते खेतों की नमी तेजी से कम हो रही थी। इससे गेहूं और सरसों की फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई थी। खासकर गेहूं की फसल इस समय बाल निकलने की अवस्था में है, ऐसे में अधिक तापमान फसल के लिए नुकसानदायक माना जा रहा था। शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर बादल छाए रहे और कई इलाकों में बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चली। इसके चलते तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम ठंडा होने से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे फसलों को संजीवनी मिली है।
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किसानों का कहना है कि बढ़ी हुई नमी से सिंचाई की जरूरत कम होगी और फसलों की वृद्धि बेहतर होगी। यदि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहा तो गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी फसलों के उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। मौसम के इस बदले मिजाज को किसान अपनी मेहनत के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं।
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जिला कृषि अधिकारी, डॉ. अवधेश मिश्रा, कहते हैं कि रबी फसलों के लिए यह मौसम काफी अनुकूल है। हल्की ठंड और नमी गेहूं में बाल और दाने की गुणवत्ता सुधारने में मदद करती है। वहीं सरसों की फसल में दाना भरने की प्रक्रिया तेज होती है। ओलावृष्टि होने पर नुकसान हो सकता है।