{"_id":"69333739ec0491a03404e2d9","slug":"sir-parental-details-of-married-women-from-outside-districts-are-being-sought-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-140412-2025-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: एसआईआर-\n\nबाहरी जनपदों की विवाहित महिलाओं के माता-पिता का मांगा जा रहा विवरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: एसआईआर- बाहरी जनपदों की विवाहित महिलाओं के माता-पिता का मांगा जा रहा विवरण
Sat, 06 Dec 2025 01:19 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sat, 06 Dec 2025 01:19 AM IST
विज्ञापन
कासगंज। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सर्वे ने बाहरी जनपदों से आकर यहां रह रही विवाहित महिलाओं के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। निर्वाचन विभाग ने ऐसे सभी मतदाताओं से उनके मायके माता-पिता, नाना-नानी का पूरा विवरण मांगा जा रहा है। इससे महिलाएं खासा परेशान हो रही हैं।
एसआईआर के लिए भरे गए आवेदन में अधिकतर मतदाताओं ने एक कॉलम ही भरा है। वर्ष 2003 में मांगी गई जानकारी को खाली छोड़ दी है। ऐसे में बीएलओ को इस विवरण को भरने के लिए सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं के आवेदन में आ रही है। किसी को रिश्तेदारों को फोन करना पड़ रहा है तो किसी को मायके वालों से दस्तावेज मंगवा रही हैं। जानकारी न मिलने से सूची से नाम कटने का डर सता रहा है।
जिले में लाखों की संख्या मेंं महिलाएं ऐसी हैं जो वर्षों से शादी के बाद यहां रह रही हैं। ऐसी महिलाओं से बीएलओ मायके की जानकारी मांग रहे हैं ताकि आवेदन को ऑनलाइन किया जा सके। राजरानी का कहना है कि शादी को वर्षों बीत चुके हैं, ऐसे में मायके का पुराना पता, भाग संख्या वोटर नंबर और माता-पिता का पहचान विवरण जुटाना आसान नहीं है। सावित्री ने बताया कि मतदाता सूची के लिए पहले कभी इतनी विस्तृत जानकारी नहीं मांगी गई थी। मायके में इस समय एसआईआर नहीं चल रहा। ऐसे में वहां के निर्वाचन कार्यालय या बीएलओ से डाटा जुटाने में दिक्कत आ रही है। सुनीता का कहना है कि मायके से कई बार संपर्क कर ब्यौरा मांगा जा चुका है, लेकिन अभी तक यह उपलब्ध नहीं हो पा रहा। अब समय भी कम रह गया है। कहीं नाम न कट जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसआईआर के लिए भरे गए आवेदन में अधिकतर मतदाताओं ने एक कॉलम ही भरा है। वर्ष 2003 में मांगी गई जानकारी को खाली छोड़ दी है। ऐसे में बीएलओ को इस विवरण को भरने के लिए सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं के आवेदन में आ रही है। किसी को रिश्तेदारों को फोन करना पड़ रहा है तो किसी को मायके वालों से दस्तावेज मंगवा रही हैं। जानकारी न मिलने से सूची से नाम कटने का डर सता रहा है।
विज्ञापन
जिले में लाखों की संख्या मेंं महिलाएं ऐसी हैं जो वर्षों से शादी के बाद यहां रह रही हैं। ऐसी महिलाओं से बीएलओ मायके की जानकारी मांग रहे हैं ताकि आवेदन को ऑनलाइन किया जा सके। राजरानी का कहना है कि शादी को वर्षों बीत चुके हैं, ऐसे में मायके का पुराना पता, भाग संख्या वोटर नंबर और माता-पिता का पहचान विवरण जुटाना आसान नहीं है। सावित्री ने बताया कि मतदाता सूची के लिए पहले कभी इतनी विस्तृत जानकारी नहीं मांगी गई थी। मायके में इस समय एसआईआर नहीं चल रहा। ऐसे में वहां के निर्वाचन कार्यालय या बीएलओ से डाटा जुटाने में दिक्कत आ रही है। सुनीता का कहना है कि मायके से कई बार संपर्क कर ब्यौरा मांगा जा चुका है, लेकिन अभी तक यह उपलब्ध नहीं हो पा रहा। अब समय भी कम रह गया है। कहीं नाम न कट जाए।
विज्ञापन