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Kasganj News: सात चरण की काउंसिलिंग के बाद भी नहीं भर सकीं सीटें
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कासगंज। पॉलिटेक्निक में प्रवेश के लिए सात चरण की काउंसिलिंग पूरी होने के बाद भी जिले के दोनों प्रमुख संस्थानों की सभी सीटें नहीं भर सकीं। कुछ पाठ्यक्रमों में सीटें लगभग पूरी भर गईं जबकि कुछ में छात्रों की कमी बनी रही। इससे संस्थानों में स्वीकृत सीटों के सापेक्ष प्रवेश का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।
राजकीय पॉलिटेक्निक सोरोंजी में सिविल की 66 सीटों में 63 पर प्रवेश हुआ जबकि तीन सीटें रिक्त रह गईं। आर्किटेक्चर की 60 सीटों में 51 भर सकीं और नौ सीटें खाली रह गईं। मैकेनिकल में स्थिति बेहतर रही। यहां 66 में से 65 सीटों पर प्रवेश हुआ और केवल एक सीट रिक्त रही।
वहीं, एमएमआईटी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की 66 में से 64 सीटें भर गईं और दो खाली रह गईं। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की 66 सीटों में 58 पर प्रवेश हुआ, जबकि आठ रिक्त रहीं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 66 में से 62 सीटें भर सकीं और चार सीटें खाली रह गईं।
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राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य राजन सिंह व एमएमआईटी के प्रधानाचार्य उमेश चंद्र ने बताया कि सीटें भरने के लिए दो अतिरिक्त चरण दिए गए। इसके बाद सभी सीटें नहीं भर सकी हैं।
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राजकीय पॉलिटेक्निक सोरोंजी में सिविल की 66 सीटों में 63 पर प्रवेश हुआ जबकि तीन सीटें रिक्त रह गईं। आर्किटेक्चर की 60 सीटों में 51 भर सकीं और नौ सीटें खाली रह गईं। मैकेनिकल में स्थिति बेहतर रही। यहां 66 में से 65 सीटों पर प्रवेश हुआ और केवल एक सीट रिक्त रही।
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वहीं, एमएमआईटी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की 66 में से 64 सीटें भर गईं और दो खाली रह गईं। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की 66 सीटों में 58 पर प्रवेश हुआ, जबकि आठ रिक्त रहीं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 66 में से 62 सीटें भर सकीं और चार सीटें खाली रह गईं।
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राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य राजन सिंह व एमएमआईटी के प्रधानाचार्य उमेश चंद्र ने बताया कि सीटें भरने के लिए दो अतिरिक्त चरण दिए गए। इसके बाद सभी सीटें नहीं भर सकी हैं।