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Kasganj News: स्क्रीन, स्ट्रेस और फास्ट फूड से बिगड़ रहा किशोरियों का हार्मोंन बैलेंस
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कासगंज। मोबाइल का अत्यधिक उपयोग, फास्ट फूड का बढ़ता सेवन और लगातार तनाव कम उम्र में हार्मोनल असंतुलन का कारण बन रहा है। इस वजह से किशोरियों में कई स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ रही हैं। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 10 किशोरियां ऐसी शिकायतों के साथ पहुंच रही हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञ अंजू के अनुसार, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस के मामले किशोरियों में तेजी से बढ़ रहे हैं। इस समस्या में शरीर में एंड्रोजन हार्मोन की वृद्धि होती है। इसके कारण किशोरियों के चेहरे पर अनचाहे बाल, हल्की दाढ़ी-मूंछ, मुंहासे और अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याएं दिखती हैं।
चिकित्सक के अनुसार, वजन बढ़ना भी पीसीओएस का एक सामान्य लक्षण है। देर रात तक जागना और घंटों मोबाइल व लैपटॉप स्क्रीन पर समय बिताना हार्मोनल संतुलन बिगाड़ रहा है। फास्ट फूड का अधिक सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इसके प्रमुख कारण हैं।
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मोटापा और मानसिक तनाव भी इस समस्या को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये सभी कारक मिलकर कम उम्र में ही हार्मोनल असंतुलन पैदा कर रहे हैं, जिससे किशोरियों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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कम हो रहा आत्मविश्वास
कई किशोरियां चेहरे पर अनचाहे बाल आने के कारण मानसिक दबाव महसूस करती हैं। उनमें आत्मविश्वास की कमी भी देखी जाती है। सामाजिक झिझक और मजाक का डर उनकी परेशानी को और बढ़ा देता है। इस स्थिति में बच्चियों को भावनात्मक सहारे की जरूरत होती है। ऐसे में परिवार को अपनी बच्चियों का सहयोग करना चाहिए।
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छिपाएं नहीं, डाॅक्टर से लें सलाह
समस्या को छिपाने के बजाय समय पर डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है। डॉ. अंजू ने जीवनशैली में सुधार की बात कही है। स्वस्थ खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि आवश्यक है। तनाव प्रबंधन भी इस समस्या से निपटने में सहायक हो सकता है। यह किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर मुद्दा है जिस पर ध्यान देना जरूरी है।
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ये लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
-चेहरे पर बाल तेजी से बढ़ रहे हों
-पीरियड्स लंबे समय तक अनियमित रहें
-अचानक वजन बढ़ने लगे
-मुंहासों की समस्या लगातार बनी रहे
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बचाव के लिए अपनाएं ये आदतें
-रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें
-फास्ट फूड और मीठे पदार्थों का सेवन कम करें
-हरी सब्जियां, फल और प्रोटीनयुक्त भोजन लें
-पर्याप्त नींद लें और देर रात तक जागने से बचें
-मोबाइल और स्क्रीन टाइम सीमित करें
-तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें
-वजन नियंत्रित रखें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं
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स्त्री रोग विशेषज्ञ अंजू के अनुसार, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस के मामले किशोरियों में तेजी से बढ़ रहे हैं। इस समस्या में शरीर में एंड्रोजन हार्मोन की वृद्धि होती है। इसके कारण किशोरियों के चेहरे पर अनचाहे बाल, हल्की दाढ़ी-मूंछ, मुंहासे और अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याएं दिखती हैं।
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चिकित्सक के अनुसार, वजन बढ़ना भी पीसीओएस का एक सामान्य लक्षण है। देर रात तक जागना और घंटों मोबाइल व लैपटॉप स्क्रीन पर समय बिताना हार्मोनल संतुलन बिगाड़ रहा है। फास्ट फूड का अधिक सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इसके प्रमुख कारण हैं।
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मोटापा और मानसिक तनाव भी इस समस्या को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये सभी कारक मिलकर कम उम्र में ही हार्मोनल असंतुलन पैदा कर रहे हैं, जिससे किशोरियों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कम हो रहा आत्मविश्वास
कई किशोरियां चेहरे पर अनचाहे बाल आने के कारण मानसिक दबाव महसूस करती हैं। उनमें आत्मविश्वास की कमी भी देखी जाती है। सामाजिक झिझक और मजाक का डर उनकी परेशानी को और बढ़ा देता है। इस स्थिति में बच्चियों को भावनात्मक सहारे की जरूरत होती है। ऐसे में परिवार को अपनी बच्चियों का सहयोग करना चाहिए।
छिपाएं नहीं, डाॅक्टर से लें सलाह
समस्या को छिपाने के बजाय समय पर डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है। डॉ. अंजू ने जीवनशैली में सुधार की बात कही है। स्वस्थ खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि आवश्यक है। तनाव प्रबंधन भी इस समस्या से निपटने में सहायक हो सकता है। यह किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर मुद्दा है जिस पर ध्यान देना जरूरी है।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
-चेहरे पर बाल तेजी से बढ़ रहे हों
-पीरियड्स लंबे समय तक अनियमित रहें
-अचानक वजन बढ़ने लगे
-मुंहासों की समस्या लगातार बनी रहे
बचाव के लिए अपनाएं ये आदतें
-रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें
-फास्ट फूड और मीठे पदार्थों का सेवन कम करें
-हरी सब्जियां, फल और प्रोटीनयुक्त भोजन लें
-पर्याप्त नींद लें और देर रात तक जागने से बचें
-मोबाइल और स्क्रीन टाइम सीमित करें
-तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें
-वजन नियंत्रित रखें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं