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Kasganj News: स्वच्छता को लगी दीमक, सफाई सिस्टम बना कबाड़
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फोटो10कासगंज के सिटी मौहल्ला में आरपीएफ बैरक के पास सड़क पर बिखरा पड़ा कूड़ा। संवाद
कासगंज। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और कूड़ा निस्तारण के लिए शहरों में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) और ग्रामीण क्षेत्रों में रिसोर्स रिकवरी (आरआरसी) सेंटर स्थापित किए गए थे। ताकि कचरे का सही तरीके से पृथक्करण और निस्तारण हो सके। हालांकि, रखरखाव और संचालन के अभाव में ये प्लांट बदहाली की दास्तां बयां कर रहे हैं।
सदर ब्लॉक के ज्याउद्दीनपुर गांव के नगला गुलाबी में वर्ष 2024 में बना आरआरसी सेंटर संचालन न होने के कारण बदहाल है। नगला गुलाबी निवासी अनार कली ने बताया यहां टीनशेड उखड़ा हुआ है और परिसर के चारों ओर कूड़े का ढेर लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि सेंटर बनने के बाद से कभी चालू ही नहीं हुआ। यही हाल जिले की अन्य ग्राम पंचायतों का भी है, जहां कचरा सड़कों पर फेंका जा रहा है।
शहरी इलाकों की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। जिले के 10 नगरीय निकायों में एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं। कासगंज शहर में मोहल्ला सिटी आरपीएफ बैरक के पास, नगला गुलाबी के सामने और अमरपुर काली नदी पुल के पास कूड़े के बड़े ढेर लगे हैं।
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इसके अलावा सोरोंजी, पटियाली, भरगैन और मोहनपुर नगर निकायों में एमआरएफ सेंटर नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं, जिससे वहां लगी मशीनें धूल फांक रही हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण राहगीरों व स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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करोड़ों खर्च के बावजूद बदहाल पड़े हैं प्लांट
कूड़ा निस्तारण के लिए एमआरएफ और आरआरसी केंद्रों के निर्माण पर भले ही करोड़ों रुपये खर्च किए गए हों लेकिन धरातल पर इनकी स्थिति बदहाल है। विश्व सफाई दिवस के अवसर पर यह साफ नजर आता है कि कागजी व्यवस्था के विपरीत शहर और गांवों में आज भी सड़क किनारे व आबादी के आसपास कूड़े के ढेर लगे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में निकलने वाले कचरे को नदरई गेट काली नदी, अमरपुर काली नदी और नगला सैयद जैसी जगहों पर खुलेआम फेंका जा रहा है। निकायों में बनाए गए एमआरएफ और ग्राम पंचायतों के आरआरसी केंद्रों का नियमित संचालन न होने से वहां लगी मशीनें धूल फांक रही हैं। भवनों और मशीनों के रखरखाव पर ध्यान न दिए जाने के कारण इन महत्वाकांक्षी योजनाओं का अपेक्षित लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है।
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लोगों की बात:
-नगर पालिका कर्मियों की ओर से अमरपुर काली नदी के पास कूड़ा फेंक दिया जाता है। गंदगी के ढेर से उठती दुर्गंध से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। क्षेत्र में शहर का कूड़ा फेंके जाने पर रोक लगाई जाए। - अशोक कुमार निवासी अमरपुर
-गांव में आरआरसी सेंटर बनने के बाद उसका संचालन नहीं हो रहा है। गांव में सड़क किनारे या तालाब के पास कूड़ा फेंका जाता है। - राजवती , निवासी गुलाबी नगला
-सहावर में एमआरएफ सेंटर के बनाए जाने के बाद भी गंजडुंडवारा रोड पर सड़क किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। एमआरएफ सेंटर का नियमित संचालन कराया जाए। -अजमत हुसैन जिलाध्यक्ष ,किसान यूनियन टिकैत
-नगर पालिका कर्मी नगला सैयद में खेत में कूड़ा फैंक कर चले जाते हैं। इस स्थान पर कूड़ा फेंके जाने पर रोक लगाई जाए। -लटूरी सिंह ,निवासी नगला सैयद अहरौली।
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वर्जन :
जिले के 10 निकायों में कचरा निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं। इन केंद्रो पर 5 टन कूड़ा निस्तारण की क्षमता है। कासगंज, गंजडुंडवारा, सिढ़पुरा, बिलराम सहावर, अमांपुर में इन सेंटरों का संचालन हो रहा है। वहीं पटियाली, सोरोंजी, भरगैन और मोहनपुर में केंद्र के नियमित संचालन के लिए निर्देश दिए हैं। - राजदीप डीपीएम,स्वच्छ भारत मिशन नगरीय कासगंज
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ऐसे स्थान जहां पर आरआरसी सेंटर का संचालन नहीं हो रहा है। वहां पर प्रशासक व पंचायत सचिवों को निर्देश नियमित कूड़ा कलेक्शन के निर्देश दिए है। जर्जर पड़े आरआरसी सेंटर का चिह्नांकन कराकर मरम्मत कराई जाएगी। -राजेश चौरसिया डीपीआरओ कासगंज
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सदर ब्लॉक के ज्याउद्दीनपुर गांव के नगला गुलाबी में वर्ष 2024 में बना आरआरसी सेंटर संचालन न होने के कारण बदहाल है। नगला गुलाबी निवासी अनार कली ने बताया यहां टीनशेड उखड़ा हुआ है और परिसर के चारों ओर कूड़े का ढेर लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि सेंटर बनने के बाद से कभी चालू ही नहीं हुआ। यही हाल जिले की अन्य ग्राम पंचायतों का भी है, जहां कचरा सड़कों पर फेंका जा रहा है।
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शहरी इलाकों की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। जिले के 10 नगरीय निकायों में एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं। कासगंज शहर में मोहल्ला सिटी आरपीएफ बैरक के पास, नगला गुलाबी के सामने और अमरपुर काली नदी पुल के पास कूड़े के बड़े ढेर लगे हैं।
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इसके अलावा सोरोंजी, पटियाली, भरगैन और मोहनपुर नगर निकायों में एमआरएफ सेंटर नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं, जिससे वहां लगी मशीनें धूल फांक रही हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण राहगीरों व स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
करोड़ों खर्च के बावजूद बदहाल पड़े हैं प्लांट
कूड़ा निस्तारण के लिए एमआरएफ और आरआरसी केंद्रों के निर्माण पर भले ही करोड़ों रुपये खर्च किए गए हों लेकिन धरातल पर इनकी स्थिति बदहाल है। विश्व सफाई दिवस के अवसर पर यह साफ नजर आता है कि कागजी व्यवस्था के विपरीत शहर और गांवों में आज भी सड़क किनारे व आबादी के आसपास कूड़े के ढेर लगे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में निकलने वाले कचरे को नदरई गेट काली नदी, अमरपुर काली नदी और नगला सैयद जैसी जगहों पर खुलेआम फेंका जा रहा है। निकायों में बनाए गए एमआरएफ और ग्राम पंचायतों के आरआरसी केंद्रों का नियमित संचालन न होने से वहां लगी मशीनें धूल फांक रही हैं। भवनों और मशीनों के रखरखाव पर ध्यान न दिए जाने के कारण इन महत्वाकांक्षी योजनाओं का अपेक्षित लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है।
लोगों की बात:
-नगर पालिका कर्मियों की ओर से अमरपुर काली नदी के पास कूड़ा फेंक दिया जाता है। गंदगी के ढेर से उठती दुर्गंध से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। क्षेत्र में शहर का कूड़ा फेंके जाने पर रोक लगाई जाए। - अशोक कुमार निवासी अमरपुर
-गांव में आरआरसी सेंटर बनने के बाद उसका संचालन नहीं हो रहा है। गांव में सड़क किनारे या तालाब के पास कूड़ा फेंका जाता है। - राजवती , निवासी गुलाबी नगला
-सहावर में एमआरएफ सेंटर के बनाए जाने के बाद भी गंजडुंडवारा रोड पर सड़क किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। एमआरएफ सेंटर का नियमित संचालन कराया जाए। -अजमत हुसैन जिलाध्यक्ष ,किसान यूनियन टिकैत
-नगर पालिका कर्मी नगला सैयद में खेत में कूड़ा फैंक कर चले जाते हैं। इस स्थान पर कूड़ा फेंके जाने पर रोक लगाई जाए। -लटूरी सिंह ,निवासी नगला सैयद अहरौली।
वर्जन :
जिले के 10 निकायों में कचरा निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं। इन केंद्रो पर 5 टन कूड़ा निस्तारण की क्षमता है। कासगंज, गंजडुंडवारा, सिढ़पुरा, बिलराम सहावर, अमांपुर में इन सेंटरों का संचालन हो रहा है। वहीं पटियाली, सोरोंजी, भरगैन और मोहनपुर में केंद्र के नियमित संचालन के लिए निर्देश दिए हैं। - राजदीप डीपीएम,स्वच्छ भारत मिशन नगरीय कासगंज
ऐसे स्थान जहां पर आरआरसी सेंटर का संचालन नहीं हो रहा है। वहां पर प्रशासक व पंचायत सचिवों को निर्देश नियमित कूड़ा कलेक्शन के निर्देश दिए है। जर्जर पड़े आरआरसी सेंटर का चिह्नांकन कराकर मरम्मत कराई जाएगी। -राजेश चौरसिया डीपीआरओ कासगंज