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Kasganj News: ऑपरेशन के बाद हालत में हुआ सुधार, लंबे समय की खांसी बनी जानलेवा महिला के फेफड़ों से निकाला डेढ़ लीटर पस
Fri, 20 Feb 2026 11:59 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Fri, 20 Feb 2026 11:59 PM IST
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कासगंज। लंबे समय से चल रही खांसी को नजरअंदाज करना महिला के लिए गंभीर साबित हुआ। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में महिला को भर्ती कराया गया।
यहां जांच में फेफड़ों में पस भरने की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने छोटा ऑपरेशन कर करीब डेढ़ लीटर पस बाहर निकाला, जिसके बाद महिला की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
मोहल्ला चक्रतीर्थ सोरों निवासी प्रीति (25) पत्नी राजा बाबू को शुक्रवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के बाद चिकित्सकों ने तत्काल फेफड़ों में नली डालकर जमा पस निकाला। ऑपरेशन के बाद महिला को वार्ड में निगरानी में रखा गया है। पति राजा बाबू ने बताया कि तीन माह पहले पत्नी को खांसी शुरू हुई थी। पहले इसे सामान्य सर्दी-खांसी समझकर निजी अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन धीरे-धीरे सीने में दर्द और बुखार बढ़ता गया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल लाने पर संक्रमण का पता चला।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कर्मवीर ने बताया कि लंबे समय तक खांसी, बुखार और सीने में दर्द को हल्के में न लें। समय पर जांच न होने पर फेफड़ों में संक्रमण बढ़कर पस भरने जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है।
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यहां जांच में फेफड़ों में पस भरने की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने छोटा ऑपरेशन कर करीब डेढ़ लीटर पस बाहर निकाला, जिसके बाद महिला की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
मोहल्ला चक्रतीर्थ सोरों निवासी प्रीति (25) पत्नी राजा बाबू को शुक्रवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के बाद चिकित्सकों ने तत्काल फेफड़ों में नली डालकर जमा पस निकाला। ऑपरेशन के बाद महिला को वार्ड में निगरानी में रखा गया है। पति राजा बाबू ने बताया कि तीन माह पहले पत्नी को खांसी शुरू हुई थी। पहले इसे सामान्य सर्दी-खांसी समझकर निजी अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन धीरे-धीरे सीने में दर्द और बुखार बढ़ता गया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल लाने पर संक्रमण का पता चला।
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जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कर्मवीर ने बताया कि लंबे समय तक खांसी, बुखार और सीने में दर्द को हल्के में न लें। समय पर जांच न होने पर फेफड़ों में संक्रमण बढ़कर पस भरने जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है।
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