{"_id":"69d93d477b9be8bf6e0271f0","slug":"patients-are-upset-due-to-the-10-12-day-waiting-period-for-ultrasound-in-the-district-hospital-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-146011-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए 10-12 दिन की वेटिंग से मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए 10-12 दिन की वेटिंग से मरीज परेशान
विज्ञापन
फोटो 26 - जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर चिकित्सक को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते मरी
कासगंज। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। खासकर गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने के बावजूद 10 से 12 दिन की वेटिंग के कारण उन्हें निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण चरमरा रही है। अस्पताल में जांच के लिए आने वाले मरीजों, खासकर गर्भवती महिलाओं को 10 से 12 दिन बाद की तारीख दी जा रही है।
जिला अस्पताल में वर्तमान में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें संचालित हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य मरीज भी जांच के लिए पहुंचते हैं। गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता देने की व्यवस्था होने के बावजूद, मरीजों की अधिक संख्या के चलते उन्हें भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इस देरी के कारण कई मरीजों को समय पर आवश्यक जांच नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति और अधिक गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि समय पर जांच न होने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकता है।
मामों निवासी गर्भवती महिला प्रीति ने बताया कि डॉक्टर की ओर से अल्ट्रासाउंड जांच लिखे जाने के बाद उन्हें अस्पताल से 12 दिन बाद का समय दिया गया। मजबूरी में उन्हें निजी सेंटर पर जांच करानी पड़ी, जहां उन्हें करीब 1100 रुपये खर्च करने पड़े।
वर्जन
अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचते हैं। गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन मरीजों की अधिक संख्या के कारण वेटिंग की स्थिति बन रही है।- डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
विज्ञापन
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण चरमरा रही है। अस्पताल में जांच के लिए आने वाले मरीजों, खासकर गर्भवती महिलाओं को 10 से 12 दिन बाद की तारीख दी जा रही है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में वर्तमान में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें संचालित हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य मरीज भी जांच के लिए पहुंचते हैं। गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता देने की व्यवस्था होने के बावजूद, मरीजों की अधिक संख्या के चलते उन्हें भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इस देरी के कारण कई मरीजों को समय पर आवश्यक जांच नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति और अधिक गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि समय पर जांच न होने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकता है।
मामों निवासी गर्भवती महिला प्रीति ने बताया कि डॉक्टर की ओर से अल्ट्रासाउंड जांच लिखे जाने के बाद उन्हें अस्पताल से 12 दिन बाद का समय दिया गया। मजबूरी में उन्हें निजी सेंटर पर जांच करानी पड़ी, जहां उन्हें करीब 1100 रुपये खर्च करने पड़े।
वर्जन
अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचते हैं। गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन मरीजों की अधिक संख्या के कारण वेटिंग की स्थिति बन रही है।- डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस