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Kasganj News: चांद को अर्घ्य देकर सुहागिनों ने खोला व्रत
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फोटो37कासगंज में करवा चौथ की पूजा के बाद एक दूसरे को गले लगकर बधाई देती सुहागिनें। संवाद
कासगंज। चांद के दीदार, चलनी की ओट से पति का चेहरा निहारने और जीवनभर साथ निभाने के संकल्प के साथ बृहस्पतिवार को करवाचौथ का पर्व श्रद्धा, उल्लास और प्रेम के साथ मनाया गया। सुहागिनों ने अपने पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा।
रात में चंद्रमा के दर्शन होते ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हुआ, जहां पतियों ने अपने हाथों से जल पिलाकर पत्नियों का व्रत खुलवाया और उपहार भेंट किए। पर्व को लेकर महिलाओं में सुबह से ही जबरदस्त उत्साह देखा गया।
घरों में लजीज पकवान तैयार किए गए और शाम ढलते ही सुहागिनें सोलह शृंगार कर पूजा की तैयारियों में जुट गईं। महिलाओं ने गौरी माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परंपरा के अनुसार बायना तैयार किया और सास-ससुर सहित परिवार के बड़े-बुजुर्गों को भेंट कर आशीर्वाद लिया।
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विशेष रूप से नवविवाहिताओं में इस पर्व को लेकर गजब का उत्साह नजर आया, जिन्हें बुजुर्ग महिलाओं ने व्रत की परंपराओं और उसके धार्मिक महत्व के बारे में बताया।शाम ढलते ही महिलाओं की निगाहें आसमान की ओर टिक गईं।
चांद के दीदार के साथ ही अर्घ्य देकर उन्होंने चलनी से पहले चंद्रमा और फिर अपने पति का चेहरा देखा। इसके बाद चंद्रमा के निकलने पर बच्चों ने भी आतिशबाजी का आनंद लिया। घरों में पूजा, मिठाइयों और पारिवारिक मेल-मिलाप के बीच करवा चौथ का यह पावन पर्व धूमधाम से संपन्न हुआ।
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रात में चंद्रमा के दर्शन होते ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हुआ, जहां पतियों ने अपने हाथों से जल पिलाकर पत्नियों का व्रत खुलवाया और उपहार भेंट किए। पर्व को लेकर महिलाओं में सुबह से ही जबरदस्त उत्साह देखा गया।
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घरों में लजीज पकवान तैयार किए गए और शाम ढलते ही सुहागिनें सोलह शृंगार कर पूजा की तैयारियों में जुट गईं। महिलाओं ने गौरी माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परंपरा के अनुसार बायना तैयार किया और सास-ससुर सहित परिवार के बड़े-बुजुर्गों को भेंट कर आशीर्वाद लिया।
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विशेष रूप से नवविवाहिताओं में इस पर्व को लेकर गजब का उत्साह नजर आया, जिन्हें बुजुर्ग महिलाओं ने व्रत की परंपराओं और उसके धार्मिक महत्व के बारे में बताया।शाम ढलते ही महिलाओं की निगाहें आसमान की ओर टिक गईं।
चांद के दीदार के साथ ही अर्घ्य देकर उन्होंने चलनी से पहले चंद्रमा और फिर अपने पति का चेहरा देखा। इसके बाद चंद्रमा के निकलने पर बच्चों ने भी आतिशबाजी का आनंद लिया। घरों में पूजा, मिठाइयों और पारिवारिक मेल-मिलाप के बीच करवा चौथ का यह पावन पर्व धूमधाम से संपन्न हुआ।