फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kasganj News ›   Farmers distressed by fertilizer shortage; strike by cooperatives compounds difficulties

Kasganj News: खाद की किल्लत से किसान परेशान, समितियों की हड़ताल से बढ़ी मुश्किलें

Thu, 29 Oct 2026 11:45 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 11:45 PM IST
विज्ञापन
Farmers distressed by fertilizer shortage; strike by cooperatives compounds difficulties
फोटो 21 - सहकारी समिति कासगंज में खाद के लिए खड़े किसान। स्रोत : संवाद
कासगंज। रबी की फसलों की बुवाई का समय नजदीक आते ही खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। सहकारी समितियों की हड़ताल के कारण खाद वितरण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है जिससे किसान खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

विभाग की ओर से क्रय-विक्रय और इफको समितियों के जरिए खाद उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन मैदानी स्तर पर किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। गेहूं और सरसों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों का कहना है कि इस अहम वक्त पर खाद न मिलने से फसल प्रभावित होने की आशंका सता रही है।
विज्ञापन

किसान राजेंद्र ने बताया कि एक सप्ताह बाद गेहूं की बुवाई शुरू होनी है लेकिन समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। वहीं, किसान राजाराम ने कहा कि सरसों की बुवाई का मुख्य समय चल रहा है और खाद न मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों की बढ़ती शिकायतों के बीच कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरकों का कोई संकट नहीं है। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार के अनुसार, जनपद में यूरिया (21,530.01 मीट्रिक टन), डीएपी (6,507.33 मीट्रिक टन), एनपीके (3,417.66 मीट्रिक टन), एमओपी (835.92 मीट्रिक टन) और एसएसपी (641.05 मीट्रिक टन) उपलब्ध है।

विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें, निर्धारित दरों से अधिक भुगतान न करें और खरीदारी के वक्त दुकान से पक्की रसीद अवश्य लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed