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Kasganj News: निर्जला एकादशी पर लगेगी शूकर क्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा
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सोरोंजी। ब्राह्मण कल्याण सभा ने निर्जला एकादशी पर आयोजित होने वाली शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा की तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह परिक्रमा 25 जून को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी पर होगी। रविवार को रेलवे सड़क स्थित कार्यालय पर हुई बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई।
ब्राह्मण कल्याण सभा के अध्यक्ष शरद पांडेय ने परिक्रमा के विवरण दिए। उन्होंने बताया कि हरि की पौड़ी में गंगास्नान के बाद भगवान वराह का विधिविधान से पूजन किया जाएगा। पूजन के बाद सुबह सात बजे वराह घाट से पंचकोसी परिक्रमा शुरू होगी। सभा की ओर से परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सुशील गौड़ ने निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस व्रत में 24 घंटे तक बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस एक कठिन व्रत को रखने से सालभर की सभी 24 एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन जल, फल, अन्न, छाता और वस्त्र दान करने का विशेष महत्व है।
अध्यक्ष शरद पांडेय ने बताया कि पंचकोसी परिक्रमा 25 जून को आयोजित की जाएगी। हरि की पौड़ी में गंगास्नान के बाद भगवान वराह का पूजन होगा। सुबह सात बजे वराह घाट से परिक्रमा शुरू होगी। सभा द्वारा परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, शरबत और शिकंजी के स्टॉल लगाए जाएंगे। इस दौरान सोमदत्त पाठक, हरिओम पचौरी, शिव वेंदेल और जयप्रकाश त्रिवेदी भी मौजूद रहे।
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ब्राह्मण कल्याण सभा के अध्यक्ष शरद पांडेय ने परिक्रमा के विवरण दिए। उन्होंने बताया कि हरि की पौड़ी में गंगास्नान के बाद भगवान वराह का विधिविधान से पूजन किया जाएगा। पूजन के बाद सुबह सात बजे वराह घाट से पंचकोसी परिक्रमा शुरू होगी। सभा की ओर से परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सुशील गौड़ ने निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस व्रत में 24 घंटे तक बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस एक कठिन व्रत को रखने से सालभर की सभी 24 एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन जल, फल, अन्न, छाता और वस्त्र दान करने का विशेष महत्व है।
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अध्यक्ष शरद पांडेय ने बताया कि पंचकोसी परिक्रमा 25 जून को आयोजित की जाएगी। हरि की पौड़ी में गंगास्नान के बाद भगवान वराह का पूजन होगा। सुबह सात बजे वराह घाट से परिक्रमा शुरू होगी। सभा द्वारा परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, शरबत और शिकंजी के स्टॉल लगाए जाएंगे। इस दौरान सोमदत्त पाठक, हरिओम पचौरी, शिव वेंदेल और जयप्रकाश त्रिवेदी भी मौजूद रहे।
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