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Kasganj News: किलौनी में कटान रोकने की कवायद जारी
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फोटो 42- किलौनी में कटानरोधी कार्यों का निरीक्षण करते अधिकारी। स्रोत विभाग
कासगंज। किलौनी पर गंगा की धारा का रुख बदल चुका है। रुख बदलने से किलौनी में खादर के खेतों में हो रहे कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग सक्रिय नजर आ रहा है। करीब 500 मीटर क्षेत्र में जहां गंगा की धारा प्रहार कर रही है उस इलाके में बंबूक्रेट और मडबैग लगाकर सुरक्षाकवच तैयार किया जा रहा है। सिंचाई विभाग का दावा है कि अब कटान नियंत्रित होने लगा है।
गंगा की धारा का रुख उत्तरी किनारे पर होने से मुश्किलें बढ़ी हैं। किलौनी गांव के कई किसानों की खादर के खेतों की जमीनें गंगा में कट चुकी हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर सिंचाई विभाग ने कटानोधी कार्य शुरू किए हैं। जहां गंगा की धारा का प्रहार है उस इलाके में बंबूक्रेट लगाए गए हैं वहीं प्रभावित क्षेत्र में मडबैग लगाकर सुरक्षित किया जा रहा है। बृहस्पतिवार की शाम तक सिंचाई विभाग की कार्रवाई चलती रही। किलौनी के ग्रामीण दिनेश ने बताया कि सिंचाई विभाग के द्वारा कराए जा रहे कार्यों से राहत मिलने की उम्मीद है। अब कटान रुकने लगा है, लेकिन इस जलस्तर के उतार चढ़ाव के बीच गंगा की धारा कब तेज हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।
वर्जन
- किलौनी में लगातार कटानरोधी कार्य चल रहे हैं। मडबैग लगाए गए हैं वहीं बंबूक्रेट पानी को पीछे करने के लिए लगाए गए हैं। आगामी समय के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी। कटान रोकने के स्थायी कार्य हो सकेंगे। - संदीप जैन, एसडीओ सिंचाई।
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गंगा की धारा का रुख उत्तरी किनारे पर होने से मुश्किलें बढ़ी हैं। किलौनी गांव के कई किसानों की खादर के खेतों की जमीनें गंगा में कट चुकी हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर सिंचाई विभाग ने कटानोधी कार्य शुरू किए हैं। जहां गंगा की धारा का प्रहार है उस इलाके में बंबूक्रेट लगाए गए हैं वहीं प्रभावित क्षेत्र में मडबैग लगाकर सुरक्षित किया जा रहा है। बृहस्पतिवार की शाम तक सिंचाई विभाग की कार्रवाई चलती रही। किलौनी के ग्रामीण दिनेश ने बताया कि सिंचाई विभाग के द्वारा कराए जा रहे कार्यों से राहत मिलने की उम्मीद है। अब कटान रुकने लगा है, लेकिन इस जलस्तर के उतार चढ़ाव के बीच गंगा की धारा कब तेज हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।
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वर्जन
- किलौनी में लगातार कटानरोधी कार्य चल रहे हैं। मडबैग लगाए गए हैं वहीं बंबूक्रेट पानी को पीछे करने के लिए लगाए गए हैं। आगामी समय के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी। कटान रोकने के स्थायी कार्य हो सकेंगे। - संदीप जैन, एसडीओ सिंचाई।
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