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Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी, घाटों पर किए धार्मिक अनुष्ठान
Sun, 18 Jan 2026 07:30 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 18 Jan 2026 07:30 PM IST
सार
श्रद्धालुओं ने परिक्रमा मार्ग में बैठे गरीब निर्धनों को वस्त्र अनाज आदि का दान किया। वहीं कादरगंज व कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद घाट पर अनुष्ठान आयोजित किए। बच्चों के मुंडन संस्कार कराए गए।
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श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। कछला गंगाघाट, कादरगंज गंगाघाट, हरि की पौड़ी गंगाघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। हरि की पौड़ी घाट पर राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात सहित अन्य दूरदराज इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने ठंड के बीच हर हर गंगे के जयकारे लगाते हुए सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही हरि की पौड़ी में गंगा स्नान किया। गंगा स्नान से पूर्व श्रद्धालुओं ने तीर्थ पुरोहितों से अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए पूजन अनुष्ठान कराया। पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर व गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी की परिक्रमा की। हरि नाम का संकीर्तन करते हुए श्रद्धालुओं ने परिक्रमा मार्ग में बैठे गरीब निर्धनों को वस्त्र अनाज आदि का दान किया। वहीं कादरगंज व कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद घाट पर अनुष्ठान आयोजित किए। बच्चों के मुंडन संस्कार कराए गए। शाम तक गंगाघाटों पर गंगा स्नान का सिलसिला चलता रहा।
जाम में फंसे वाहन
मौनी अमावस्या पर सोरोंजी कछला की ओर वाहनों के आवागमन का दबाव अधिक था। जिससे के कारण बिलराम और बस अड्डा क्षेत्र में बार बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। ट्रैफिक पुलिस के कर्मी बार बार जाम खुलवाने को मशक्कत करते नजर आ रहे थे, लेकिन जाम में फंसे वाहन दोपहर बाद तक रेंगते नजर आए।
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मंदिरों में किए देवदर्शन
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने क्षेत्राधीश वराह मंदिर पहुंचकर भगवान वराह के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया। श्रद्धालुओं ने बालाजी दरबार, रघुनाथजी, सोमेश्वर दरबार, सिद्ध हनुमान, द्वारिकाधीश, मानस मंदिर, शनि मंदिर, सिद्ध विनायक, राधा कृष्ण, गंगा माता आदि मंदिरों में भी दर्शन पूजन किए। वहीं योग मार्ग स्थित संतों के आश्रम महेश दयानंद सोहम आश्रम, प्रेमी बाबा आश्रम, भक्त आश्रम, अमृतानंद आदि आश्रमों में भी पहुंचे, जहां संतों के लिए अन्न क्षेत्र का आयोजन किया गया।
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श्रद्धालुओं ने ठंड के बीच हर हर गंगे के जयकारे लगाते हुए सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही हरि की पौड़ी में गंगा स्नान किया। गंगा स्नान से पूर्व श्रद्धालुओं ने तीर्थ पुरोहितों से अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए पूजन अनुष्ठान कराया। पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर व गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी की परिक्रमा की। हरि नाम का संकीर्तन करते हुए श्रद्धालुओं ने परिक्रमा मार्ग में बैठे गरीब निर्धनों को वस्त्र अनाज आदि का दान किया। वहीं कादरगंज व कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद घाट पर अनुष्ठान आयोजित किए। बच्चों के मुंडन संस्कार कराए गए। शाम तक गंगाघाटों पर गंगा स्नान का सिलसिला चलता रहा।
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जाम में फंसे वाहन
मौनी अमावस्या पर सोरोंजी कछला की ओर वाहनों के आवागमन का दबाव अधिक था। जिससे के कारण बिलराम और बस अड्डा क्षेत्र में बार बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। ट्रैफिक पुलिस के कर्मी बार बार जाम खुलवाने को मशक्कत करते नजर आ रहे थे, लेकिन जाम में फंसे वाहन दोपहर बाद तक रेंगते नजर आए।
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मंदिरों में किए देवदर्शन
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने क्षेत्राधीश वराह मंदिर पहुंचकर भगवान वराह के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया। श्रद्धालुओं ने बालाजी दरबार, रघुनाथजी, सोमेश्वर दरबार, सिद्ध हनुमान, द्वारिकाधीश, मानस मंदिर, शनि मंदिर, सिद्ध विनायक, राधा कृष्ण, गंगा माता आदि मंदिरों में भी दर्शन पूजन किए। वहीं योग मार्ग स्थित संतों के आश्रम महेश दयानंद सोहम आश्रम, प्रेमी बाबा आश्रम, भक्त आश्रम, अमृतानंद आदि आश्रमों में भी पहुंचे, जहां संतों के लिए अन्न क्षेत्र का आयोजन किया गया।