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Kasganj News: शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
Sun, 25 Oct 2026 11:52 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sun, 25 Oct 2026 11:52 PM IST
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फोटो 14- शरद पूर्णिमा पर गंगास्नान करते श्रद्धालु । संवाद
कासगंज/सोरोंजी। शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। तीर्थनगरी के हरि की पौड़ी घाट, कादरगंज गंगाघाट सहित अन्य गंगाघाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान को पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां गंगा से परिवार की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। वहीं तीर्थनगरी के हरि की पौड़ी घाट सहित गंगा घाटों पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित हुए।
सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु गंगा घाट पहुंचने लगे। वहीं एक दिन पूर्व राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित दूरदराज क्षेत्रों से श्रद्धालु तीर्थनगरी पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए तीर्थपुरोहितों से पूजन अनुष्ठान कराया और दान दक्षिणा दी। श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराया और प्रसाद बांटा। स्थानीय श्रद्धालुओं ने अपने घरों से टेसू झांझी लाकर गंगा में विसर्जित किए। गंगा स्नान के बाद मां गंगा की पूजा कर दुग्धाभिषेक किया। मां गंगा का चुनरी मनोरथ कर आरती उतारी। गंगा स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी की व शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा कर हरिनाम का संकीर्तन किया। पूर्णिमा स्नान के साथ कार्तिक मास का स्नान भी प्रारंभ हो गया।
मंदिरों में किए देवदर्शन
सोरोंजी। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने क्षेत्राधीश वराह मंदिर पहुंचकर भगवान वराह की आरती उतारकर प्रसाद चढ़ाया। मंदिर में सेवायत पंडित नरेश त्रिगुणायत ने भगवान वराह को नूतन पोशाक अलंकार पहनाकर भव्य शृंगार किया । अन्य मंदिरों रघुनाथजी, बालाजी दरबार, मानस मन्दिर, सोमेश्वर, सिद्ध हनुमान, सिद्ध विनायक, श्याम वराह मन्दिर, द्वारिकाधीश, गंगा माता, पंचमहाशक्ति, 84 घंटे वाली माता आदि मंदिरों में भी पहुंचकर श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त किया।
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श्रद्धालुओं को बसों के लिए हुई परेशानी
पीईटी परीक्षा के साथ ही शरद पूर्णिमा पर गंगा स्नान के चलते भी बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ रही। कछला गंगा घाट और बदायूं मार्ग पर जाने वाले यात्रियों को बसें नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा। एक ओर परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी अपने केंद्रों तक पहुंचने की जल्दी में रहे, तो दूसरी ओर गंगा स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को भी बसों का इंतजार करना पड़ा। इससे बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ी रही।
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सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु गंगा घाट पहुंचने लगे। वहीं एक दिन पूर्व राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित दूरदराज क्षेत्रों से श्रद्धालु तीर्थनगरी पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए तीर्थपुरोहितों से पूजन अनुष्ठान कराया और दान दक्षिणा दी। श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराया और प्रसाद बांटा। स्थानीय श्रद्धालुओं ने अपने घरों से टेसू झांझी लाकर गंगा में विसर्जित किए। गंगा स्नान के बाद मां गंगा की पूजा कर दुग्धाभिषेक किया। मां गंगा का चुनरी मनोरथ कर आरती उतारी। गंगा स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी की व शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा कर हरिनाम का संकीर्तन किया। पूर्णिमा स्नान के साथ कार्तिक मास का स्नान भी प्रारंभ हो गया।
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मंदिरों में किए देवदर्शन
सोरोंजी। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने क्षेत्राधीश वराह मंदिर पहुंचकर भगवान वराह की आरती उतारकर प्रसाद चढ़ाया। मंदिर में सेवायत पंडित नरेश त्रिगुणायत ने भगवान वराह को नूतन पोशाक अलंकार पहनाकर भव्य शृंगार किया । अन्य मंदिरों रघुनाथजी, बालाजी दरबार, मानस मन्दिर, सोमेश्वर, सिद्ध हनुमान, सिद्ध विनायक, श्याम वराह मन्दिर, द्वारिकाधीश, गंगा माता, पंचमहाशक्ति, 84 घंटे वाली माता आदि मंदिरों में भी पहुंचकर श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त किया।
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श्रद्धालुओं को बसों के लिए हुई परेशानी
पीईटी परीक्षा के साथ ही शरद पूर्णिमा पर गंगा स्नान के चलते भी बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ रही। कछला गंगा घाट और बदायूं मार्ग पर जाने वाले यात्रियों को बसें नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा। एक ओर परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी अपने केंद्रों तक पहुंचने की जल्दी में रहे, तो दूसरी ओर गंगा स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को भी बसों का इंतजार करना पड़ा। इससे बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ी रही।