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Kasganj News: नए शिक्षा सत्र पर परिषदीय स्कूलों में बच्चों का होगा भव्य स्वागत
Tue, 31 Mar 2026 11:58 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:58 PM IST
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फोटो02जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कासगंज। संवाद
कासगंज। जिले के परिषदीय विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत इस बार खास अंदाज में होगी। सत्र के पहले दिन बुधवार को बच्चों का स्वागत फूल बरसाकर और तिलक लगाकर किया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा, ताकि बच्चों को विद्यालयों की ओर आकर्षित किया जा सके।
जिले के 1263 परिषदीय विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र को उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी की गई है। विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, खासकर उन स्कूलों पर ध्यान केंद्रित किया गया है जहां पिछले सत्र में नामांकन कम रहा।
बच्चों को स्कूलों की ओर आकर्षित करने के लिए विद्यालय परिसरों को झालरों और गुब्बारों से सजाया जाएगा। स्कूल पहुंचने पर बच्चों का गेट पर रोली और चंदन से तिलक किया जाएगा तथा उन पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा।
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इसके साथ ही स्कूल चलो अभियान’ के तहत बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ स्पेशल एजुकेटर भी शामिल होंगे। टीम घर-घर जाकर सर्वे करेगी और ऐसे बच्चों की पहचान करेगी जो स्कूल नहीं जा रहे हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। तीन वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों का आंगनबाड़ी या बालवाटिका में दाखिला कराया जाएगा, जबकि छह वर्ष के बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ड्रॉपआउट बच्चों पर विशेष फोकस
सात से 14 वर्ष आयु वर्ग के ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिले में 1229 बच्चों को चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बच्चे को जन्म प्रमाणपत्र या आधार कार्ड न होने के कारण प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। वहीं पढ़ाई छोड़ चुकीं बालिकाओं को जिले के आठ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों से जोड़ा जाएगा।
वर्जन
नए शिक्षासत्र में स्कूल चलो अभियान चलाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 1 अप्रैल से अभियान शुरू होगा, जो 15 दिन तक चलेगा। - सूर्य प्रताप सिंह, बीएसए
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जिले के 1263 परिषदीय विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र को उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी की गई है। विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, खासकर उन स्कूलों पर ध्यान केंद्रित किया गया है जहां पिछले सत्र में नामांकन कम रहा।
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बच्चों को स्कूलों की ओर आकर्षित करने के लिए विद्यालय परिसरों को झालरों और गुब्बारों से सजाया जाएगा। स्कूल पहुंचने पर बच्चों का गेट पर रोली और चंदन से तिलक किया जाएगा तथा उन पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा।
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इसके साथ ही स्कूल चलो अभियान’ के तहत बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ स्पेशल एजुकेटर भी शामिल होंगे। टीम घर-घर जाकर सर्वे करेगी और ऐसे बच्चों की पहचान करेगी जो स्कूल नहीं जा रहे हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। तीन वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों का आंगनबाड़ी या बालवाटिका में दाखिला कराया जाएगा, जबकि छह वर्ष के बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ड्रॉपआउट बच्चों पर विशेष फोकस
सात से 14 वर्ष आयु वर्ग के ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिले में 1229 बच्चों को चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बच्चे को जन्म प्रमाणपत्र या आधार कार्ड न होने के कारण प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। वहीं पढ़ाई छोड़ चुकीं बालिकाओं को जिले के आठ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों से जोड़ा जाएगा।
वर्जन
नए शिक्षासत्र में स्कूल चलो अभियान चलाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 1 अप्रैल से अभियान शुरू होगा, जो 15 दिन तक चलेगा। - सूर्य प्रताप सिंह, बीएसए