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Kasganj News: पुत्रेष्टि यज्ञ के बाद गूंजे श्रीराम के जयकारे
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फोटो60कासगंज में आयोजित श्रीराम लीला में मंचन करते कलाकार।संवाद
कासगंज। शहर के बारहद्वारी स्थित रामलीला मंच पर शुक्रवार की रात श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। श्रीरामकृष्ण लीला अनुकरण मंडल, वृंदावन के कलाकारों ने रामलीला के तीसरे दिन राजा दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ, भगवान श्रीराम के जन्म और बाल लीलाओं का सजीव मंचन किया। व्यास भावेश के भावपूर्ण वर्णन ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
मंचन में कलाकारों ने दिखाया गया कि संतान प्राप्ति की कामना से राजा दशरथ ने गुरु वशिष्ठ की आज्ञा पर शृंगी ऋषि के नेतृत्व में पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। अनुष्ठान की पूर्णाहुति पर अग्निदेव प्रकट हुए और उन्होंने राजा को दिव्य खीर का पात्र सौंपा। दशरथ ने प्रसाद अपनी तीनों रानियों कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा में वितरित किया।
इसके बाद भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला, कौसल्या हितकारी भजन के साथ जन्मोत्सव का दृश्य सामने आते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा।
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माता कौशल्या की गोद में श्रीराम, कैकेयी के साथ भरत तथा सुमित्रा के साथ लक्ष्मण और शत्रुघ्न के स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु आनंदित हो उठे।
पुष्पवर्षा, मंगलगीतों और सोहर गायन ने उत्सव को और उल्लासपूर्ण बना दिया। भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का मंचन भी आकर्षण का केंद्र रहा। लीला प्रारंभ होने से पहले रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपाल मराठा, महामंत्री अरविंद वार्ष्णेय, कोषाध्यक्ष अमरीश वशिष्ठ सहित अन्य पदाधिकारियों ने श्रीराम-जानकी की आरती उतारी।
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मंचन में कलाकारों ने दिखाया गया कि संतान प्राप्ति की कामना से राजा दशरथ ने गुरु वशिष्ठ की आज्ञा पर शृंगी ऋषि के नेतृत्व में पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। अनुष्ठान की पूर्णाहुति पर अग्निदेव प्रकट हुए और उन्होंने राजा को दिव्य खीर का पात्र सौंपा। दशरथ ने प्रसाद अपनी तीनों रानियों कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा में वितरित किया।
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इसके बाद भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला, कौसल्या हितकारी भजन के साथ जन्मोत्सव का दृश्य सामने आते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा।
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माता कौशल्या की गोद में श्रीराम, कैकेयी के साथ भरत तथा सुमित्रा के साथ लक्ष्मण और शत्रुघ्न के स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु आनंदित हो उठे।
पुष्पवर्षा, मंगलगीतों और सोहर गायन ने उत्सव को और उल्लासपूर्ण बना दिया। भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का मंचन भी आकर्षण का केंद्र रहा। लीला प्रारंभ होने से पहले रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपाल मराठा, महामंत्री अरविंद वार्ष्णेय, कोषाध्यक्ष अमरीश वशिष्ठ सहित अन्य पदाधिकारियों ने श्रीराम-जानकी की आरती उतारी।