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Kasganj News: महाशिवरात्रि पर शुभ योग में बरसेगी कृपा
Sun, 15 Feb 2026 12:54 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sun, 15 Feb 2026 12:54 AM IST
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फोटो01पंड़ित मुकुंद बल्लभ भट्ट। संवाद
कासगंज। महाशिवरात्रि का पावन पर्व, इस वर्ष विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक चतुर्ग्रही योग में श्रद्धालुओं पर भोले नाथ की कृपा बरसेगी।
ज्योतिषाचार्य मुकुंद वल्लभ भट्ट का कहना है कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव की उपासना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, लेकिन इस बार ग्रह-नक्षत्रों की अद्भुत स्थिति इसे और भी खास बना रही है। कई वर्षों बाद इतने शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। कुंभ राशि में चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। इससे बुधादित्य, शुक्रादित्य, लक्ष्मी नारायण जैसे शुभ योग बनेंगे। बुधादित्य योग बुद्धि और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने वाला माना जाता है, जबकि शुक्रादित्य योग सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य प्रदान करता है। लक्ष्मी नारायण योग आर्थिक उन्नति का संकेत देता है। चतुर्ग्रही योग चार ग्रहों की युति से विशेष प्रभाव उत्पन्न करता है।
इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति, ध्रुव और व्यतिपात जैसे दुर्लभ योग भी इस दिन बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग को हर कार्य में सफलता देने वाला माना जाता है, वहीं प्रीति और ध्रुव योग स्थिरता तथा शुभ फल प्रदान करते हैं। व्यतिपात योग को भी आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल चाल के कारण यह महाशिवरात्रि आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत फलदायी मानी जा रही है। श्रद्धालु इस अवसर पर पूजा-अर्चना करेंगे।
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ज्योतिषाचार्य मुकुंद वल्लभ भट्ट का कहना है कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव की उपासना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, लेकिन इस बार ग्रह-नक्षत्रों की अद्भुत स्थिति इसे और भी खास बना रही है। कई वर्षों बाद इतने शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। कुंभ राशि में चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। इससे बुधादित्य, शुक्रादित्य, लक्ष्मी नारायण जैसे शुभ योग बनेंगे। बुधादित्य योग बुद्धि और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने वाला माना जाता है, जबकि शुक्रादित्य योग सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य प्रदान करता है। लक्ष्मी नारायण योग आर्थिक उन्नति का संकेत देता है। चतुर्ग्रही योग चार ग्रहों की युति से विशेष प्रभाव उत्पन्न करता है।
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इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति, ध्रुव और व्यतिपात जैसे दुर्लभ योग भी इस दिन बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग को हर कार्य में सफलता देने वाला माना जाता है, वहीं प्रीति और ध्रुव योग स्थिरता तथा शुभ फल प्रदान करते हैं। व्यतिपात योग को भी आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल चाल के कारण यह महाशिवरात्रि आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत फलदायी मानी जा रही है। श्रद्धालु इस अवसर पर पूजा-अर्चना करेंगे।
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