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UP: तेरहवीं की दावत खाकर मची अफरातफरी...डाॅक्टर की दुकान पर लग गई भीड़, गांव में पहुंची स्वाथ्य विभाग की टीम
Wed, 04 Jun 2025 12:43 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 04 Jun 2025 12:43 PM IST
सार
लोगों को उल्टी, दस्त, पेट में दर्द की शिकायत होने लगी। इससे गांव में खलबली मच गई। जब इस बात की जानकारी आयोजक को हुई तो उन्होंने बचा हुआ खाना फेंक दिया।
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गांव में दवा देती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
कासगंज के सिढ़पुरा के गांव जलीलपुर में सोमवार की रात तेरहवीं की दावत खाकर 104 लोग बीमार पड़ गए। ग्रामीणों की उल्टी दस्त के बाद तबीयत बिगड़ने लगी। ग्रामीण गांव के चिकित्सक के पास इलाज को पहुंचे। जानकारी पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों की जांच की है। सभी हालत स्थिर बताई जा रही है।
गांव निवासी सुधीश शाक्य की मां का देहांत हो जाने पर सोमवार को तेरहवीं संस्कार का आयोजन किया गया। इसमें गांव के लोग दावत खाने के लिए आए। दोपहर से ही दावत शुरू हो गई जो देर रात तक चलती रही। दावत खाने के बाद 104 लोगों की हालत बिगड़ गई।
महिला, पुरुष और बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट में दर्द आदि की शिकायत होने लगी। इससे गांव में खलबली मच गई। जब इस बात की जानकारी आयोजक को हुई तो उन्होंने बचा हुआ खाना फिकवा दिया। पीड़ित गांव के ही चिकित्सक के पास पहुंच गए। इससे चिकित्सक की दुकान पर मरीजों की भीड़ लग गई।
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ग्रामीणों ने जैसे-तैसे करके रात काटी। ग्राम प्रधान शिव कुमार ने बताया कि गांव में तेरहवीं की दावत खाने के बाद काफी संख्या में लोग बीमार हो गए। रात में गांव के चिकित्सक के माध्यम से सभी का इलाज कराया गया।
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गांव निवासी सुधीश शाक्य की मां का देहांत हो जाने पर सोमवार को तेरहवीं संस्कार का आयोजन किया गया। इसमें गांव के लोग दावत खाने के लिए आए। दोपहर से ही दावत शुरू हो गई जो देर रात तक चलती रही। दावत खाने के बाद 104 लोगों की हालत बिगड़ गई।
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महिला, पुरुष और बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट में दर्द आदि की शिकायत होने लगी। इससे गांव में खलबली मच गई। जब इस बात की जानकारी आयोजक को हुई तो उन्होंने बचा हुआ खाना फिकवा दिया। पीड़ित गांव के ही चिकित्सक के पास पहुंच गए। इससे चिकित्सक की दुकान पर मरीजों की भीड़ लग गई।
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ग्रामीणों ने जैसे-तैसे करके रात काटी। ग्राम प्रधान शिव कुमार ने बताया कि गांव में तेरहवीं की दावत खाने के बाद काफी संख्या में लोग बीमार हो गए। रात में गांव के चिकित्सक के माध्यम से सभी का इलाज कराया गया।