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जागेंगे देव, बजेंगी शहनाइयां
Kasganj
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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कासगंज। देवोत्थान एकादशी पर्व शनिवार को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। देवों को जगा कर परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना होगी। इसी के साथ ही घर परिवारों में मांगलिक कार्यक्रमों का शुभारंभ भी हो जाएगा। पर्व को लेकर शुक्रवार को नगर के बाजारों में लोग गन्ने, सिंघाड़े, शकरकंदी सहित अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी करते नजर आए।
देवोत्थान एकादशी पर शीत ऋतु के फल गन्ना, सिंघाड़े, शकरकंदी आदि से देवों को पूजने और जगाने की परंपरा है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार इस दिन से मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। गन्ने का रस निचोड़ कर देवों को अर्पित किया जाता है। घर परिवारों में देवोत्थान की पूजा के लिए गेरू व पिसे हुए चावल से बड़ा चौक बनाया जाता है। इस चौक पर गन्नों को खड़ा करके परंपरागत तरीके से पूजा होती है। बाजारों में ग्रामीण इलाकों से गन्ना बेचने के लिए किसान पहुंचे। नगर के गांधी मूर्ति, बाराहद्वारी व अन्य इलाकों में लोग गन्ना, सिंघाड़े और शकरकंदी खरीदते नजर आए।
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देवोत्थान एकादशी पर शीत ऋतु के फल गन्ना, सिंघाड़े, शकरकंदी आदि से देवों को पूजने और जगाने की परंपरा है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार इस दिन से मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। गन्ने का रस निचोड़ कर देवों को अर्पित किया जाता है। घर परिवारों में देवोत्थान की पूजा के लिए गेरू व पिसे हुए चावल से बड़ा चौक बनाया जाता है। इस चौक पर गन्नों को खड़ा करके परंपरागत तरीके से पूजा होती है। बाजारों में ग्रामीण इलाकों से गन्ना बेचने के लिए किसान पहुंचे। नगर के गांधी मूर्ति, बाराहद्वारी व अन्य इलाकों में लोग गन्ना, सिंघाड़े और शकरकंदी खरीदते नजर आए।
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