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कानपुर: कोरोना ने मां को छीना, तनाव में रहने लगा बेटा, फिर उठाया ये खौफनाक कदम
Sat, 18 Sep 2021 06:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 18 Sep 2021 06:59 PM IST
सार
चकेरी इंस्पेक्टर मधुर मिश्रा ने बताया मां की मौत के बाद से वह मानसिक तनाव में था। जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर के चकेरी गांधीग्राम में एक बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। कोरोना की दूसरी लहर में उसने अपनी मां को खो दिया था। जिसके बाद से वह मां को याद कर मानसिक उलझन में रहता था। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
चकेरी गांधीग्राम निवासी मनोज कुमार एक सीमेंट कंपनी में कर्मचारी हैं। उनका इकलौता बेटा वेदांत (21) बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था। परिजनों के अनुसार वेदांत की मां नीलम की कुछ माह पहले कोरोना की दूसरी लहर में हालत बिगड़ने से मौत हो गई थी।
इसके बाद से वेदांत मानसिक तनाव में रहता था। वह अक्सर अपनी मां को याद करता था। शुक्रवार रात उसके पिता मनोज कुमार काम पर गए थे। वहीं वेदांत की दादी मंदिर गईं थीं। इस दौरान वेदांत ने खुद को अकेला पाकर प्लास्टिक की रस्सी से बरामदे में लोहे के जाल के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी।
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जब दादी मंदिर से लौटीं तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया लेकिन दरवाजा नहीं खुला। फिर आस-पड़ोस के लोगों ने आकर दरवाजा तोड़ा तो अंदर वेदांत का फांसी के फंदे से शव लटका मिला। यह देख कोहराम मच गया। पुलिस ने जांच-पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चकेरी इंस्पेक्टर मधुर मिश्रा ने बताया मां की मौत के बाद से वह मानसिक तनाव में था। जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।
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चकेरी गांधीग्राम निवासी मनोज कुमार एक सीमेंट कंपनी में कर्मचारी हैं। उनका इकलौता बेटा वेदांत (21) बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था। परिजनों के अनुसार वेदांत की मां नीलम की कुछ माह पहले कोरोना की दूसरी लहर में हालत बिगड़ने से मौत हो गई थी।
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इसके बाद से वेदांत मानसिक तनाव में रहता था। वह अक्सर अपनी मां को याद करता था। शुक्रवार रात उसके पिता मनोज कुमार काम पर गए थे। वहीं वेदांत की दादी मंदिर गईं थीं। इस दौरान वेदांत ने खुद को अकेला पाकर प्लास्टिक की रस्सी से बरामदे में लोहे के जाल के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी।
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जब दादी मंदिर से लौटीं तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया लेकिन दरवाजा नहीं खुला। फिर आस-पड़ोस के लोगों ने आकर दरवाजा तोड़ा तो अंदर वेदांत का फांसी के फंदे से शव लटका मिला। यह देख कोहराम मच गया। पुलिस ने जांच-पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चकेरी इंस्पेक्टर मधुर मिश्रा ने बताया मां की मौत के बाद से वह मानसिक तनाव में था। जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।