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सिंगापुर में हुआ यदुपति सिंहानिया का अंतिम संस्कार, पिता की इकलौती संतान थे
Fri, 14 Aug 2020 07:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 14 Aug 2020 07:47 PM IST
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उद्योगपति यदुपति सिंहानिया (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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जाने माने उद्योगपति, जेके सीमेंट व जेके कॉटन मिल के मालिक यदुपति सिंहानिया का गुरुवार शाम को सिंगापुर में अंतिम संस्कार किया गया। उनका गुरुवार को वहां के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के समय उनकी मां सुशीला देवी व चचेरे भाई निधिपति व निधिपति की पत्नी विधि वहां मौजूद रहे।
परिजनों के शनिवार को कानपुर लौटने की उम्मीद है। परिवार के अन्य सदस्य भी कानपुर पहुंचने लगे हैं। जेके व्हाइट सीमेंट के कार्यकारी निदेशक राघवपत सिंहानिया व भाई माधवपत सिंहानिया सपरिवार कैंट स्थित गंगा कुटी पहुंच चुके हैं। यदुपति के चचेरे भाई व गोविंद बाबू के पुत्र अभिषेक सिंघानिया पत्नी व बच्चों समेत पहले से ही यहां रह रहे हैं। आगे के कार्यक्रम यदुपति की मां सुशीला सिंहानिया के आने के बाद ही तय होंगे। यदुपति सिंहानिया के निधन से शहर के जनसामान्य वर्ग में शोक की लहर देखी गई।
पिता की इकलौती संतान थे
यदुपति सिंहानिया के पिता गौरहरि सिंहानिया सर पदमपत सिंहानिया की चार संतानों में दूसरे नंबर पर थे। सर पदमपत की तीन संतानें गोपाल किशन, गोविंदहरि और श्यामहरि सिंहानिया रहे। यदुपति अपने पिता गौरहरि की इकलौती संतान थे। यदुपति के कोई संतान नहीं हुई। यदुपति ने अपने भाई निधिपति के पुत्र राघवपत और माधवकृष्ण को ही अपनी संतान की तरह पाला पोसा और आगे बढ़ाया। जेके सीमेंट की कमान अब इन्ही दोनों युवाओं के हाथ में हैं। राघवपत और माधवपत जेके के दिल्ली स्थित ऑफिसों का संचालन करते हैं। यही दोनों कामकाज में यदुपति की मदद किया करते थे।
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परिजनों के शनिवार को कानपुर लौटने की उम्मीद है। परिवार के अन्य सदस्य भी कानपुर पहुंचने लगे हैं। जेके व्हाइट सीमेंट के कार्यकारी निदेशक राघवपत सिंहानिया व भाई माधवपत सिंहानिया सपरिवार कैंट स्थित गंगा कुटी पहुंच चुके हैं। यदुपति के चचेरे भाई व गोविंद बाबू के पुत्र अभिषेक सिंघानिया पत्नी व बच्चों समेत पहले से ही यहां रह रहे हैं। आगे के कार्यक्रम यदुपति की मां सुशीला सिंहानिया के आने के बाद ही तय होंगे। यदुपति सिंहानिया के निधन से शहर के जनसामान्य वर्ग में शोक की लहर देखी गई।
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पिता की इकलौती संतान थे
यदुपति सिंहानिया के पिता गौरहरि सिंहानिया सर पदमपत सिंहानिया की चार संतानों में दूसरे नंबर पर थे। सर पदमपत की तीन संतानें गोपाल किशन, गोविंदहरि और श्यामहरि सिंहानिया रहे। यदुपति अपने पिता गौरहरि की इकलौती संतान थे। यदुपति के कोई संतान नहीं हुई। यदुपति ने अपने भाई निधिपति के पुत्र राघवपत और माधवकृष्ण को ही अपनी संतान की तरह पाला पोसा और आगे बढ़ाया। जेके सीमेंट की कमान अब इन्ही दोनों युवाओं के हाथ में हैं। राघवपत और माधवपत जेके के दिल्ली स्थित ऑफिसों का संचालन करते हैं। यही दोनों कामकाज में यदुपति की मदद किया करते थे।
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