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Kanpur News: पहलवान सुल्तान का हत्यारोपी 36 साल बाद गिरफ्तार
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : संवाद
कानपुर। कर्नलगंज पुलिस ने पहलवान सुल्तान की हत्या में फरार चल रहे आरोपी 50 हजार के इनामी शौकत अली को 36 साल बाद गिरफ्तार किया है। वह नाम बदलकर गोंडा में रह रहा था। उसे पुलिस ने हत्या के आरोप में 1984 में गिरफ्तार किया था लेकिन असलहा रखने के अन्य मामले में गोंडा जेल भेजा गया। वहां से जमानत पर बाहर आने के बाद फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सन 1980 के आसपास नई सड़क निवासी पहलवान भाइयों अकील और आदिल के बीच गैंगवार चल रही थी। पहलवान सुल्तान, आदिल के गैंग में और शौकत अली अकील के गैंग में था। 1984 को सुल्तान की उसके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप गोंडा के रसूलपुरखान निवासी शौकत अली पर लगा। कर्नलगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा।
22 जुलाई 1989 को शौकत अली को 1982 में गोंडा में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में वहां की जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 1990 में शौकत जमानत पर बाहर आया और वहां नाम बदलकर रहने लगा। गोंडा पुलिस आर्म्स एक्ट और कानपुर की कर्नलगंज पुलिस हत्या के मामले में उसकी तलाश करती रही। रविवार की शाम वह अपने एक गांव की रहने वाली रिश्तेदार से मिलने के लिए चकेरी पहुंचा था। उसको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह वर्तमान में सब्जी बेचकर जीवन यापन कर रहा था।
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पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारियों को फटकार लगाई थी। कर्नलगंज के मामले में नई सिरे से जांच हुई। थाना प्रभारियों विनीत कुमार और दरोगा हरफन अली ने गोंडा में जांच की जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। शौकत पर 2017 में 20 हजार का इनाम रखा गया जिसे 20 जनवरी 2026 को बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया था।
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डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सन 1980 के आसपास नई सड़क निवासी पहलवान भाइयों अकील और आदिल के बीच गैंगवार चल रही थी। पहलवान सुल्तान, आदिल के गैंग में और शौकत अली अकील के गैंग में था। 1984 को सुल्तान की उसके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप गोंडा के रसूलपुरखान निवासी शौकत अली पर लगा। कर्नलगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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22 जुलाई 1989 को शौकत अली को 1982 में गोंडा में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में वहां की जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 1990 में शौकत जमानत पर बाहर आया और वहां नाम बदलकर रहने लगा। गोंडा पुलिस आर्म्स एक्ट और कानपुर की कर्नलगंज पुलिस हत्या के मामले में उसकी तलाश करती रही। रविवार की शाम वह अपने एक गांव की रहने वाली रिश्तेदार से मिलने के लिए चकेरी पहुंचा था। उसको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह वर्तमान में सब्जी बेचकर जीवन यापन कर रहा था।
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पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारियों को फटकार लगाई थी। कर्नलगंज के मामले में नई सिरे से जांच हुई। थाना प्रभारियों विनीत कुमार और दरोगा हरफन अली ने गोंडा में जांच की जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। शौकत पर 2017 में 20 हजार का इनाम रखा गया जिसे 20 जनवरी 2026 को बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया था।