{"_id":"6a1b3c7323e3544d9a0dd3ef","slug":"women-will-work-as-micro-enterprise-friends-and-will-get-honorarium-kanpur-news-c-220-1-ka21001-143448-2026-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: सूक्ष्म उद्यम सखी बन काम करेंगी महिलाएं, मिलेगा मानदेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: सूक्ष्म उद्यम सखी बन काम करेंगी महिलाएं, मिलेगा मानदेय
Sun, 31 May 2026 01:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 31 May 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह से जुड़ने वाली महिलाओं को सूक्ष्म उद्यम सखी के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए इन्हें मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित करेंगी और छोटे कारोबार शुरू करने के तरीके बताएंगी। साथ ही सूक्ष्म उद्यम सखी के रूप में कार्य करने वाली महिलाओं को मानदेय भी दिया जाएगा।
जिले में 9489 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी 101805 महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। एनआरएलएम विभाग को शासन से मिले लक्ष्य के सापेक्ष चालू वित्तीय वर्ष 230758 महिलाओं को नया समूह गठित कर या फिर पुराने समूह से जोड़ना है। इसके लिए डीएमएम व बीएमएम ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान चलाते हुए महिलाओं को समूह में शामिल कर रहे हैं। विभाग समूह से जुड़ने वाली महिलाओं सूक्ष्म उद्यम की शुरूआत करने को प्रेरित कर रहा है। नये गठित प्रति समूह में 10 से 15 महिलाओंं को शामिल किया जा रहा है। इन महिलाओं को सूक्ष्म उद्यम शुरू करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने की तैयारी है।
जिला मिशन प्रबंधक पूजा वर्मा ने बताया कि समूह के बीच से ही सूक्ष्म उद्यम सखी का चयन किया जाएगा। चयनित महिलाओं को मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित करेंगी, इसके बाद इन्हें क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी जाएंगी। कार्य एवज में में सूक्ष्म उद्यम सखी को शुरूआत के तीन महीने 12 सौ रुपये, चौथे से 12वें महीने तक 1500 रुपये, 13वें से 24वें माह तक 1800 व 25वें से 48वें माह तक 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा आवागमन के लिए 500 व मोबाइल खर्च के रूप में 300 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। फिलहाल तीन महिलाओं को मास्टर ट्रेनर बनाए जाने के लिए लखनऊ भेजा गया है, जो प्रशिक्षित होने के बाद वापसी करने पर जिले स्तर पर चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगी।
विज्ञापन
.......................
बयान
मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करने के लिए तीन महिलाओं को लखनऊ ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। वापसी करने पर वह समूह के बीच से चुनी जाने वाली सूक्ष्म उद्यम सखी को प्रशिक्षित करेंगी। जो समूह की महिलाओं को सूक्ष्य उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित करने के साथ कारोबार शुरू करने के तरीके बताएंगी। इसके एवज में उन्हें मानदेय के अलावा मोबाइल व अन्य खर्च के रुपये अलग से मिलेंगे। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम
विज्ञापन
जिले में 9489 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी 101805 महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। एनआरएलएम विभाग को शासन से मिले लक्ष्य के सापेक्ष चालू वित्तीय वर्ष 230758 महिलाओं को नया समूह गठित कर या फिर पुराने समूह से जोड़ना है। इसके लिए डीएमएम व बीएमएम ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान चलाते हुए महिलाओं को समूह में शामिल कर रहे हैं। विभाग समूह से जुड़ने वाली महिलाओं सूक्ष्म उद्यम की शुरूआत करने को प्रेरित कर रहा है। नये गठित प्रति समूह में 10 से 15 महिलाओंं को शामिल किया जा रहा है। इन महिलाओं को सूक्ष्म उद्यम शुरू करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने की तैयारी है।
विज्ञापन
जिला मिशन प्रबंधक पूजा वर्मा ने बताया कि समूह के बीच से ही सूक्ष्म उद्यम सखी का चयन किया जाएगा। चयनित महिलाओं को मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित करेंगी, इसके बाद इन्हें क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी जाएंगी। कार्य एवज में में सूक्ष्म उद्यम सखी को शुरूआत के तीन महीने 12 सौ रुपये, चौथे से 12वें महीने तक 1500 रुपये, 13वें से 24वें माह तक 1800 व 25वें से 48वें माह तक 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा आवागमन के लिए 500 व मोबाइल खर्च के रूप में 300 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। फिलहाल तीन महिलाओं को मास्टर ट्रेनर बनाए जाने के लिए लखनऊ भेजा गया है, जो प्रशिक्षित होने के बाद वापसी करने पर जिले स्तर पर चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगी।
विज्ञापन
.......................
बयान
मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करने के लिए तीन महिलाओं को लखनऊ ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। वापसी करने पर वह समूह के बीच से चुनी जाने वाली सूक्ष्म उद्यम सखी को प्रशिक्षित करेंगी। जो समूह की महिलाओं को सूक्ष्य उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित करने के साथ कारोबार शुरू करने के तरीके बताएंगी। इसके एवज में उन्हें मानदेय के अलावा मोबाइल व अन्य खर्च के रुपये अलग से मिलेंगे। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम