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जागरुकता का ये कैसा फंडा!, दीवार पर बनी तस्वीरों से महिलाएं शर्मिंदा, स्लोगन में शब्दों को भय

Wed, 15 Aug 2018 08:35 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 15 Aug 2018 08:35 AM IST
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Women embarrassed by slogan of cleanliness campaign
स्वच्छता अभियान के स्लोगन से शर्मिंदा हो रही महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
यूपी के कानपुर देहात जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार की ओर से पोस्टर, बैनर, वॉल पेंटिंग जैसे माध्यमों को अपनाया जा रहा है। पेंटिंग के माध्यम से लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लेकिन पेंटिंग में प्रयुक्त शब्द लोगों को आहत करने वाले हैं। आपत्तिजनक तस्वीरें व उन पर लिखे स्लोगन पढ़कर महिलाएं खुद को शर्मिंदा महसूस कर रही हैं।  
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बता दें कि जिले के सर्वाजनिक स्थलों पर लगाई गई है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को शौचालय प्रयोग के लिए प्रेरित करने को लेकर वॉल पेंटिंग, स्लोगन, पोस्टर-बैनर जैसे संचार माध्यमों का प्रयोग किया जा रहा है। पंचायत राज विभाग की ओर से बनाए गए कई स्लोगन महिला वर्ग पर केंद्रित हैं, जो व्यक्तिगत जिंदगी पर सवाल उठाते हैं।
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इन वॉल पेंटिग में महिलाओं की तस्वीरें बनाई गई हैं, स्लोगन में रेप जैसे शब्दों को भय दिखाकर शौचालय उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। पेंटिंग महिलाओं पर केंद्रित होकर भद्दी टिप्पणी कर रही हैं।  महिला वर्ग से बातचीत में इस बात से जहां शर्मिंदगी हैं, वहीं नाराजगी का भाव भी है।  
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महिलाओं पर लिखे स्लोगन से उनका मजाक उड़ाया जाता है

Women embarrassed by slogan of cleanliness campaign
कविता राजपूत, स्वाती वर्मा - फोटो : अमर उजाला
झींझक कस्बा निवासी स्वाती वर्मा कहती हैं कि स्वच्छता अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने का सरकार का प्रयास बहुत ही सराहनीय है लेकिन दीवारों पर अश्लील स्लोगन या चित्रों के माध्यम से समाज की महिला वर्ग को आहत करने का काम किया जा रहा है। निदंनीय है जिम्मेदार लोगों पर इसका ख्याल रखना चाहिए। सिर्फ महिलाएं ही खुले में शौच नहीं जाती है बल्कि पुरुष भी जाते हैं। प्रचार का केंद्र बिंदु महिलाएं ही हैं। 
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भोला नगर की रानी गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन में महिलाएं आगे आकर सहयोग करने को तैयार रहती हैं लेकिन महिलाओं पर लिखे स्लोगन से उनका मजाक उड़ाया जाता है। जिससे महिलाओं को अपमानित होना पड़ता है। इस तरह के विज्ञापन नहीं लिखने चाहिए। महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ बंद हो। 

 

ऐसे स्लोगन व चित्र तत्काल हटाए जाने चाहिए

Women embarrassed by slogan of cleanliness campaign
प्रभा देवी , रानी गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
औरंगाबाद निवासी प्रभा देवी का कहना है कि सार्वजनिक स्थल की दीवारों पर स्वच्छता जागरूकता के लिए महिलाओं को टारगेट किया जाता है। उनकी अश्लील तस्वीरें बनाई गई हैं वहीं, अश्लील स्लोगन लिखे जा रहे हैं। घर में बहू करे मर्यादा बाहर बदन दिखाए आधा जैसे स्लोगनों से महिलाओं को शर्मिंदा होना पड़ता है। 


कविता राजपूत का कहना है कि मिशन में सहयोग करना हर नागरिक का दायित्व है, लेकिन महिलाओं के सम्मान को देखना आवश्यक है। सरकार महिलाओं के सम्मान की बात करती है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। दीवारों पर अश्लील चित्र व गंदे स्लोगन लिखे गए हैं। ऐसे स्लोगन व चित्र तत्काल हटाए जाने चाहिए।

बोले जिम्मेदार  
किसी की भावनाओं को आहत करने के लिए ऐसे शब्दों को प्रयोग नहीं किया गया है, लोगों को शौचालय उपयोग करने के साथ ही उन्हें जागरूक करने के लिए वॉल पेंटिंग कराई गई है- केदारनाथ सिंह, मुख्य विकास अधिकारी 
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