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‘रंग बदलती सर्दी’ से सिहरन बढ़ी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 29 Nov 2016 10:53 PM IST
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सीजन का पहला कोहरा पड़ने पर दिल्ली-हावड़ा रूट की ट्रेनों पर असर पड़ा
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उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों से होकर आने वाली उत्तर-पश्चिम की हवाओं ने मंगलवार को कानपुर के मौसम का मिजाज सर्द कर दिया। अधिकतम, न्यूनतम पारा भी लुढ़ककर सामान्य से नीचे आ गया। वातावरण की नमी बढ़ी है। इससे मैदानी क्षेत्रों में सिहरन महसूस की गई। मौसम विज्ञानियोें का कहना है कि अब पारा नीचे जाएगा। सर्दी पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा।
वातावरण में दिन की नमी बढ़ने और आसमान साफ होने की वजह से मंगलवार को घना कुहरा छा गया। इसका असर जनजीवन और फसलों पर पड़ेगा। वातावरण में सुबह की नमी 93 फीसदी और दोपहर की नमी 59 फीसदी रिकार्ड की गई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि मंगलवार को इस मौसम का सबसे कम पारा रिकार्ड किया गया। अधिकतम पारा 26.4 डिग्री सेल्सियस है। यह पारा सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस कम है। सामान्य पारा 30 डिग्री सेल्सियस होता है। पारा गिरने से ही दिन में सिहरन महसूस की गई। यही नहीं गत सोमवार (28.8 डिग्री) के मुकाबले अधिकतम पारा में 2.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। न्यूनतम पारा 5.7 डिग्री सेल्सियस नीचे आया है। ये पारा नौ डिग्री रिकार्ड किया गया। गत सोमवार को यही पारा 14.7 डिग्री सेल्सियस था।
कोहरे से शताब्दी समेत कई ट्रेनें लेट
सीजन का पहला कोहरा मंगलवार को पड़ा। इसके चलते दिल्ली-हावड़ा रूट की ट्रेनों की गति बिगड़ गई। दिल्ली की ओर से आने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस समेत अधिकांश ट्रेनें दो से चार घंटे की देरी से सेंट्रल पहुंची। उधर, हावड़ा की ओर से आने वाली ट्रेनें पर लेट पहुंची। दिल्ली से आने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह के 11:20 बजे के बजाय दोपहर 1:20 बजे पहुंची। इसी प्रकार मुरी एक्सप्रेस दो घंटे, कालका दो घंटे, नंदन कानन दो घंटे, जोधपुर हावड़ा डेढ़ घंटे विलंब से सेंट्रल पहुंची। वहीं हावड़ा की ओर से आने वाले तूफान, महानंदा, मुरी, कालका समेत अन्य ट्रेनें दो से 3 घंटे विलंब से सेंट्रल पहुंची।
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वातावरण में दिन की नमी बढ़ने और आसमान साफ होने की वजह से मंगलवार को घना कुहरा छा गया। इसका असर जनजीवन और फसलों पर पड़ेगा। वातावरण में सुबह की नमी 93 फीसदी और दोपहर की नमी 59 फीसदी रिकार्ड की गई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि मंगलवार को इस मौसम का सबसे कम पारा रिकार्ड किया गया। अधिकतम पारा 26.4 डिग्री सेल्सियस है। यह पारा सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस कम है। सामान्य पारा 30 डिग्री सेल्सियस होता है। पारा गिरने से ही दिन में सिहरन महसूस की गई। यही नहीं गत सोमवार (28.8 डिग्री) के मुकाबले अधिकतम पारा में 2.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। न्यूनतम पारा 5.7 डिग्री सेल्सियस नीचे आया है। ये पारा नौ डिग्री रिकार्ड किया गया। गत सोमवार को यही पारा 14.7 डिग्री सेल्सियस था।
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कोहरे से शताब्दी समेत कई ट्रेनें लेट
सीजन का पहला कोहरा मंगलवार को पड़ा। इसके चलते दिल्ली-हावड़ा रूट की ट्रेनों की गति बिगड़ गई। दिल्ली की ओर से आने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस समेत अधिकांश ट्रेनें दो से चार घंटे की देरी से सेंट्रल पहुंची। उधर, हावड़ा की ओर से आने वाली ट्रेनें पर लेट पहुंची। दिल्ली से आने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह के 11:20 बजे के बजाय दोपहर 1:20 बजे पहुंची। इसी प्रकार मुरी एक्सप्रेस दो घंटे, कालका दो घंटे, नंदन कानन दो घंटे, जोधपुर हावड़ा डेढ़ घंटे विलंब से सेंट्रल पहुंची। वहीं हावड़ा की ओर से आने वाले तूफान, महानंदा, मुरी, कालका समेत अन्य ट्रेनें दो से 3 घंटे विलंब से सेंट्रल पहुंची।
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