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काहे का कूल वार्ड: 40 बेड के बीच सिर्फ दो एसी
Fri, 19 Jul 2024 02:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 19 Jul 2024 02:35 AM IST
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कानपुर देहात। उमस भरी गर्मी में जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों का हाल बेहाल है। कहने के लिए यह कूल वार्ड है, मगर यहां लगे एसी भी पर्याप्त ठंडक नहीं दे रहे हैं। इससे मरीज परेशान हैं। वार्ड में 40 बेड हैं, वह भी इन दिनों फुल चल रहे हैं।
गर्मी से मरीजों को राहत देने के लिए शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में कोल्ड वार्ड बनाया गया था। अधिकारियों ने फोटो खींचकर शासन में भेजकर अपनी कार्रवाई पूरी कर ली, लेकिन हकीकत इससे अलग है। 40 बेड के जनरल वार्ड में सिर्फ दो एसी लगे हैं। गुरुवार को यह दोनों चल तो रहे थे, लेकिन वार्ड में ठंडक नहीं थी।
इसी वार्ड में दो कूलर भी लगे थे, इनमें पानी न होने की वजह से गर्म हना दे रहे थे। सिकंदरा निवासी माधुरी देवी ने बताया कि दिन हो या रात वार्ड भभकाता है। इस वजह से वार्ड के अंदर रहना मुश्किल है। पंखे की हवा का असर नहीं होता और दो ही कूलर होने की वजह से गर्मी में परेशान होना पड़ता है। इसी तरह अकबरपुर कस्बा के रोहित सिंह ने बताया कि वार्ड के अंदर लगा एसी पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। इस वजह से वार्ड में बदबू और गर्मी बहुत लग रही है।
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इधर उमस भरी गर्मी होने के कारण मरीज बढ़े हैं, जिससे वार्ड फुल हैं। ईएमओ डॉ.श्रीप्रकाश ने बताया कि ज्यादातर मरीज उलझन घबराहट, उल्टी और दस्त के आ रहे हैं। उन्हें जरूरत पड़ने पर भर्ती भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनरल वार्ड के 33 बेड भर चुके हैं। डॉ.श्रीप्रकाश ने बताया कि गर्मी की वजह से लोग बासी और तैलीय चीजों का सेवन कर रहे हैं। इस वजह से हाजमा गड़बड़ा रहा है। लोगों से अपील है कि हल्का खाना और हरी सब्जी ही खाने में खाएं।
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इमरजेंसी वार्ड की भी हालत खराब
जिला अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड भी अव्यवस्थाओं का शिकार है। कहीं बेड पर चादर नहीं होती तो कहीं बेड के ऊपर मक्खी भिनभिनाती रहती हैं। वार्ड में भर्ती उल्टी दस्त के मरीजों का उपचार किया जाता, लेकिन मौजूदा समय में वार्ड के अंदर पर्याप्त कूलर और एसी न होने की वजह से मरीजों को गर्मी में परेशान होना पड़ता है।
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वर्जन
जनरल वार्ड में दो एसी के साथ कूलर और पंखों की व्यवस्था है। समय समय पर निगरानी कर बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कहीं पर कोई खामी है तो उसे दूर कराया जाएगा। -डॉ. खालिद रिजवान, सीएमएस
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गर्मी से मरीजों को राहत देने के लिए शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में कोल्ड वार्ड बनाया गया था। अधिकारियों ने फोटो खींचकर शासन में भेजकर अपनी कार्रवाई पूरी कर ली, लेकिन हकीकत इससे अलग है। 40 बेड के जनरल वार्ड में सिर्फ दो एसी लगे हैं। गुरुवार को यह दोनों चल तो रहे थे, लेकिन वार्ड में ठंडक नहीं थी।
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इसी वार्ड में दो कूलर भी लगे थे, इनमें पानी न होने की वजह से गर्म हना दे रहे थे। सिकंदरा निवासी माधुरी देवी ने बताया कि दिन हो या रात वार्ड भभकाता है। इस वजह से वार्ड के अंदर रहना मुश्किल है। पंखे की हवा का असर नहीं होता और दो ही कूलर होने की वजह से गर्मी में परेशान होना पड़ता है। इसी तरह अकबरपुर कस्बा के रोहित सिंह ने बताया कि वार्ड के अंदर लगा एसी पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। इस वजह से वार्ड में बदबू और गर्मी बहुत लग रही है।
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इधर उमस भरी गर्मी होने के कारण मरीज बढ़े हैं, जिससे वार्ड फुल हैं। ईएमओ डॉ.श्रीप्रकाश ने बताया कि ज्यादातर मरीज उलझन घबराहट, उल्टी और दस्त के आ रहे हैं। उन्हें जरूरत पड़ने पर भर्ती भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनरल वार्ड के 33 बेड भर चुके हैं। डॉ.श्रीप्रकाश ने बताया कि गर्मी की वजह से लोग बासी और तैलीय चीजों का सेवन कर रहे हैं। इस वजह से हाजमा गड़बड़ा रहा है। लोगों से अपील है कि हल्का खाना और हरी सब्जी ही खाने में खाएं।
इमरजेंसी वार्ड की भी हालत खराब
जिला अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड भी अव्यवस्थाओं का शिकार है। कहीं बेड पर चादर नहीं होती तो कहीं बेड के ऊपर मक्खी भिनभिनाती रहती हैं। वार्ड में भर्ती उल्टी दस्त के मरीजों का उपचार किया जाता, लेकिन मौजूदा समय में वार्ड के अंदर पर्याप्त कूलर और एसी न होने की वजह से मरीजों को गर्मी में परेशान होना पड़ता है।
वर्जन
जनरल वार्ड में दो एसी के साथ कूलर और पंखों की व्यवस्था है। समय समय पर निगरानी कर बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कहीं पर कोई खामी है तो उसे दूर कराया जाएगा। -डॉ. खालिद रिजवान, सीएमएस