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Kanpur: मादक पदार्थों की तस्करी में ‘खास’ को उठाया, तो आमने-सामने आए दो थानों के इंस्पेक्टर, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 18 Oct 2023 07:01 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 18 Oct 2023 07:01 PM IST
सार

Kanpur News: सूत्रों के अनुसार इंस्पेक्टर काकादेव का मादक पदार्थ के तस्करों से पुराना नाता रहा है। रायपुरवा में तैनाती के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने उनके क्षेत्र से दो तस्करों को दबोचा था। इससे नाराज इंस्पेक्टर ने डीसीपी क्राइम और दबिश देने वाली टीम के खिलाफ बगैर सूचना दिए इलाके में दबिश देने पर नाम जीडी में चढ़ा दिया था।

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When Khas was picked up in drug smuggling, inspectors of two police stations came face to face, read the whole
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में मादक पदार्थों की तस्करी में काकादेव थानाक्षेत्र के कारखास के खास को नवाबगंज के इंस्पेक्टर को उठाना महंगा पड़ गया। नाराज इंस्पेक्टर ने नवाबगंज थानाप्रभारी को उनके इलाके से बिना बताए तस्कर पकड़कर ले जाने पर अपहरण के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दे डाली। धमकी भरा ऑडियो भी वायरल हो रहा है।

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डीसीपी सेंट्रल ने एडिशनल डीसीपी को मामले की जांच सौंपकर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को भेजी जाएगी। ऐसे में इंस्पेक्टर काकादेव और उसके कारखास पर कार्रवाई तय है। दरअसल रविवार रात गांजा तस्करों की सक्रियता की सूचना पर नवाबगंज थानाप्रभारी रोहित तिवारी, एसआई विपिन कुमार, शुभम सिंह, हेड कांस्टेबल हिम्मत सिंह के साथ गंगा बैराज पर तस्करों को पकड़ने पहुंचे।
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एक किलो 200 ग्राम गांजा व दो मोबाइल बरामद
पुलिस के पहुंचने से पहले तस्कर वहां से भागकर काकादेव थाना क्षेत्र पहुंच गए। पुलिस की टीम ने उन्हें डबल पुलिया के पास से दबोच लिया। पुलिस ने उनके पास से एक किलो 200 ग्राम गांजा व दो मोबाइल बरामद किए। आरोपियों की पहचान मूलरूप से कानपुर देहात निवासी सौरभ व उन्नाव के बांगरमऊ बाजीपुर निवासी विनोद के रूप में हुई। सौरभ वर्तमान में गुजैनी सब्जी मंडी पार्क के पीछे रहता है।

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कारखास को हर माह मोटी रकम भी देता है
विनोद काकादेव के डबल पुलिया कच्ची मड़ईया में रहता है। पुलिस ने जब विनोद का मोबाइल खंगाला, तो इंस्पेक्टर काकादेव विनय शर्मा के कारखास का नंबर मिला। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि वह कारखास के संपर्क में है। उसके संज्ञान में ही वह इलाके में गांजा सप्लाई करता है। इसके एवज में कारखास को हर माह मोटी रकम भी देता है।

कारखास के खास के पकड़े जाने पर इंस्पेक्टर ने दी धमकी
विनोद और सौरभ के पकड़े जाने पर उनके परिजन काकादेव थाने पहुंचे। उन्होंने नवाबगंज पुलिस द्वारा दोनों को पकड़े जाने की सूचना दी। इससे गुस्साकर इंस्पेक्टर काकादेव विनय शर्मा ने इंस्पेक्टर नवाबगंज रोहित तिवारी को फोन कर धमकी दे डाली। विनय शर्मा ने कहा कि तुम जिन्हें पकड़कर ले गए हो।

एफआईआर दर्ज कर दूंगा...कोई बचा नहीं पाएगा
उनके घर वाले अपहरण की तहरीर लेकर आए हैं। एफआईआर दर्ज कर दूंगा। कोई बचा नहीं पाएगा। इस पर रोहित ने कहा कि अधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई की है। जो आपको करना है कर दीजिए। इसके बाद रोहित तिवारी ने धमकी की जानकारी डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार को दी। इसके बाद डीसीपी ने जांच एडिशनल डीसीपी सेंट्रल आरती सिंह को सौंप दी है।

मादक पदार्थ तस्करों से इंस्पेक्टर का पुराना नाता
सूत्रों के अनुसार इंस्पेक्टर काकादेव का मादक पदार्थ के तस्करों से पुराना नाता रहा है। रायपुरवा में तैनाती के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने उनके क्षेत्र से दो तस्करों को दबोचा था। इससे नाराज इंस्पेक्टर ने डीसीपी क्राइम और दबिश देने वाली टीम के खिलाफ बगैर सूचना दिए इलाके में दबिश देने पर नाम जीडी में चढ़ा दिया था। इसकी जांच अभी भी जारी है।

सेंट्रल जोन में तीन थाना प्रभारियों के खिलाफ चल रही जांच
सूत्रों के अनुसार सेंट्रल जोन में तैनात इंस्पेक्टर काकादेव के अलावा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कोहना व थानाप्रभारी नजीराबाद के खिलाफ भी आरोप हैं। इसकी प्राथमिक जांच चल रही है। इनके खिलाफ विवेचना में लापरवाही, अधिकारियों को घटनाओं की सूचना न देना, बगैर जानकारी एफआईआर दर्ज करना, वसूली समेत कई अन्य आरोप लगे हैं। इसके बाद भी उन्हें महत्वपूर्ण थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ड्रग माफिया संग सांठगांठ की जांच एडिशनल डीसीपी सेंट्रल को सौंपी गई है। इसकी रिपोर्ट तीन दिन में मांगी गई है। जांच रिपोर्ट बनाकर पुलिस कमिश्नर को सौंप दी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।  -प्रमोद कुमार, डीसीपी सेंट्रल

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