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Kanpur News: 28 हजार परीक्षार्थी आए तो शहर की यातायात व्यवस्था पर जाम ने कसा शिकंजा

Sun, 26 Apr 2026 01:29 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 26 Apr 2026 01:29 AM IST
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When 28,000 candidates arrived, the city's traffic jam tightened its grip.
कानपुर। होमगार्ड भर्ती परीक्षा के पहले दिन शनिवार को शहर की यातायात व्यवस्था पर जाम का शिकंजा कसा रहा। अलग-अलग बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के बाहर से लेकर शहर के प्रमुख इलाकों में वाहन रेंगते रहे और लोग तीखी धूप में परेशान नजर आए। 28 हजार से ज्यादा परीक्षार्थियों की भीड़ को लेकर पर्याप्त पुलिस प्रबंध न किए जाने के कारण सुबह से बेपटरी हुई यातायात व्यवस्था देर शाम बाद सामान्य हुई।
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शहर के 53 केंद्रों पर परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला शुक्रवार की रात से ही शुरू हो गया था। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 12 क्विक रिस्पांस और 10 रस्सा टीमों के साथ आरपीएफ और जीआरपी के जवान तैनात थे। मगर, स्टेशन से बाहर निकलते ही परीक्षार्थियों के हुजूम का अंदाजा लगा कर सड़कों पर यातायात प्रबंधन नहीं दिखा। इसके चलते झकरकटी पुल, टाटमिल चौराहा से टाटमिल पुल तक, शास्त्री नगर-चैन फैक्टरी चौराहा, डिप्टी पड़ाव चौराहा और घंटाघर से नई सड़क मार्ग के अलावा कई अन्य इलाके भीषण जाम की जद में रहे। टाटमिल पुल पर जाम के बीच में एंबुलेंस फंसी थी। चैन फैक्टरी चौराहा इलाके में एंबुलेंस के साथ पुलिस का वाहन भी जाम में फंसा हुआ था। जाम से प्रभावित इलाकों में पुलिस कर्मी तैनात तो थे, लेकिन ठोस एक्शन प्लान के अभाव में वह व्यवस्था को पटरी पर ला पाने में असफल साबित हुए। रात आठ बजे के बाद यातायात का दबाव कम होना शुरू हुआ तो सड़कों पर आवागमन की व्यवस्था सुचारु हुई।
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गंगाघाट पुल पर मेगा ब्लॉक की वजह से दिन के समय लखनऊ रूट की ट्रेनों का संचालन फिलहाल ठप है। सुबह के समय ट्रेनें चलने से लखनऊ रूट के पहली पाली के परीक्षार्थी जल्दी आ गए थे, लेकिन वापसी के लिए शाम छह बजे के बाद ही ट्रेन थी। इस वजह से परीक्षार्थी भटकते रहे और बसों से गए। शाम के समय लखनऊ रूट पर दो स्पेशल ट्रेन चलाई गई तो दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को सहूलियत हुई। प्रयागराज रूट पर भी दो स्पेशल ट्रेन चलाई गई। इसके अलावा, जोधपुर-हावड़ा, पनवेल एक्सप्रेस, नेताजी एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस में भी परीक्षार्थियों की भीड़ रही। खास बात यह रही कि परीक्षार्थियों को किसी भी ट्रेन के एसी कोच में नहीं जाने दिया गया, वह सिर्फ स्लीपर या जनरल कोच से ही गए।
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0 लखनऊ जाना था लेकिन दोपहर से तीन घंटे बैठे ही रहे, कोई ट्रेन नहीं मिली। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि शाम को ट्रेन है। इसलिए रोडवेज की बस से निकलना पड़ा। - सुरेंद्र, महोबा



0 दोपहर की पाली में परीक्षा देने के बाद सेंट्रल स्टेशन पहुंचे तो लखनऊ के लिए ट्रेन नहीं मिली। वहां से रिश्तेदार के यहां जाना था। चार घंटे बाद बस से रवाना होना पड़ा। - नैना, प्रयागराज
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झकरकटी बस अड्डे पर माहौल रहा अराजक, पांच मिनट में बसें हुई फुल

झकरकटी बस अड्डे पर शाम के समय का माहौल अराजक दिखा। मेगा ब्लॉक की वजह से लखनऊ रूट की ट्रेनें न मिलने से परीक्षार्थी बस के लिए पहुंचे। परीक्षार्थियों को पानी के लिए भटकना पड़ा। बस अड्डे पर लगे वाटर कूलर से गर्म पानी आ रहा था। मजबूरी में उन्हें खरीदकर पानी पीना पड़ा। शाम के समय लखनऊ, रायबरेली और प्रतापगढ़ केे रूट के परीक्षार्थियों की भीड़ अचानक बढ़ी। आलम यह था कि इन रूटों की बसें आते ही पांच मिनट में फुल होकर चल दे रही थीं। बस अड्डे के अंदर से लेकर बाहर तक परीक्षार्थियों का रेला उमड़ा था। कुछ बसों के चालक-परिचालक नहीं दिखे तो परीक्षार्थी गेट खोलकर खुद जाकर बैठ गए, कुछ खिड़कियों से अंदर घुसे। परीक्षार्थियों की भीड़ संभालने के लिए न तो परिवहन निगम का कोई अधिकारी या कर्मचारी था और ना पुलिस कर्मी थे। बस अड्डा के बाहर भी देर शाम तक परीक्षार्थियों का हुजूम लगा रहा। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि 700 बसें विभिन्न रूटों पर लगाई गई हैं। व्यवस्था संभालने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।
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ऑनलाइन टिकट ली, नहीं मिली सीट

रायबरेली के रहने वाले शिवकुमार और प्रतापगढ़ निवासी शिवांश तिवारी ने शहर वापसी के लिए रोडवेज की टिकट ऑनलाइन बुक की थी। शाम को जब झकरकटी बस अड्डा पहुंचे तो उनकी बस में परीक्षार्थियों का कब्जा था। काफी मशक्कत के बाद भी वह बस में नहीं चढ़ सके। बस चलने को हुई तो वह अन्य ऑनलाइन टिकट लेने वालों के साथ उसके आगे खड़े हो गए। मांग करने लगे कि उन्हें भेजने की व्यवस्था की जाए। इस पर परिवहन निगम कर्मियों ने ऑनलाइन टिकट बुक करने वालों को सीट दिलाई।
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