{"_id":"d9fef6c81ef4338a97b0d8ca28fd0c79","slug":"wheat-crop-reuned-from-damage-canal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंबे की पटरी फटने से गेहूं के सैकड़ों गट्ठे डूबे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंबे की पटरी फटने से गेहूं के सैकड़ों गट्ठे डूबे
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर देहात
Updated Tue, 12 May 2015 01:14 AM IST
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भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में सिंगरसीपुर गांव के पास रजवाहे की पटरी फटने से पानी गांव तक पहुंच रहा है। रविवार को खेतों में जलभराव से गेहूं के सैकड़ों गट्ठे डूब गए थे। सदमे से एक किसान की मौत भी हो गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पानी रोकने की गुहार लगाई है। सिंचाई विभाग ने बंबे का पानी रुकवा दिया है। रविवार को सवेरे बंबे की पटरी फटने से खेत लबालब हो गए थे।
जिससे राजासिंह यादव(55) के 12 बीघे, शीतलप्रसाद की पांच बीघे, रामदास यादव की चार बीघे, हशरू यादव की तीन बीघे, प्रेमशंकर अग्निहोत्री की दो बीघे, ईश्वरचंद की दो बीघे, भारतसिंह की चार बीघे खेतों में गेहूं के गट्ठे रखे थे।
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सब पानी में डूब गए। खेतों में लबालब पानी भर गया। दोपहर में राजासिंह फसलों की मड़ाई कराने खेत पर पहुंचे तो गट्ठे पानी में तैरते देख उनकी चीख निकल पड़ी और गश खाकर गिर गए।
परिजन आनन-फानन जिला अस्पताल ले गए। जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। तहसीलदार तहसीलदार राकेशकुमार ने बताया कि जानकारी मिलने पर सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
लेखपाल राजेन्द्रसिंह चौहान ने गांव जाकर पड़ताल की। जहां मृतक की पत्नी रामवती व परिजन रो-रो कर बेहाल हैं, वहीं घरों तक पानी पहुंचे की आशंका से ग्रामीणों में दहशत है।
निचली गंगा नहर कानपुर डिवीजन के अभियंता डीके तिवारी का कहना है कि फसलों की सिंचाई के लिए रोस्टर के तहत नहरों में पानी छोड़ा जाता है। सिंगरसीपुर गांव के लोगों ने ही तालाब भरने के लिए खांदी काटी थी।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से पानी रोकने की गुहार लगाई है। सिंचाई विभाग ने बंबे का पानी रुकवा दिया है। रविवार को सवेरे बंबे की पटरी फटने से खेत लबालब हो गए थे।
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जिससे राजासिंह यादव(55) के 12 बीघे, शीतलप्रसाद की पांच बीघे, रामदास यादव की चार बीघे, हशरू यादव की तीन बीघे, प्रेमशंकर अग्निहोत्री की दो बीघे, ईश्वरचंद की दो बीघे, भारतसिंह की चार बीघे खेतों में गेहूं के गट्ठे रखे थे।
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सब पानी में डूब गए। खेतों में लबालब पानी भर गया। दोपहर में राजासिंह फसलों की मड़ाई कराने खेत पर पहुंचे तो गट्ठे पानी में तैरते देख उनकी चीख निकल पड़ी और गश खाकर गिर गए।
परिजन आनन-फानन जिला अस्पताल ले गए। जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। तहसीलदार तहसीलदार राकेशकुमार ने बताया कि जानकारी मिलने पर सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
लेखपाल राजेन्द्रसिंह चौहान ने गांव जाकर पड़ताल की। जहां मृतक की पत्नी रामवती व परिजन रो-रो कर बेहाल हैं, वहीं घरों तक पानी पहुंचे की आशंका से ग्रामीणों में दहशत है।
निचली गंगा नहर कानपुर डिवीजन के अभियंता डीके तिवारी का कहना है कि फसलों की सिंचाई के लिए रोस्टर के तहत नहरों में पानी छोड़ा जाता है। सिंगरसीपुर गांव के लोगों ने ही तालाब भरने के लिए खांदी काटी थी।