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कानपुर के चमड़ा उद्योग को और आगे बढ़ाएंगे : राकेश सचान
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कानपुर। चर्म निर्यात परिषद क्षेत्रीय की ओर से आयोजित चार दिवसीय कानपुर लेदर मेला का शुक्रवार को प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने मोतीझील लॉन में उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कानपुर के चमड़े की पहचान देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है। यह उद्योग निर्यात बढ़ाने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।
परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष यादवेंद्र सचान ने कहा कि मेले का उद्देश्य कानपुर और आसपास के औद्योगिक क्लस्टरों की विनिर्माण क्षमता, कारीगरी, डिजाइन और नवाचार को घरेलू बाजार में पहचान दिलाना है। साथ ही छोटे और मझोले उद्यमियों को अपने ब्रांड की पहचान बनाने और खुदरा कारोबारियों व ग्राहकों से सीधे जुड़ने का मंच उपलब्ध कराना है। मेला में लेदर फुटवियर, जूते, महिलाओं के बैग, पर्स, वॉलेट, जैकेट, महिला और पुरुषों की सैंडल, बेल्ट और नॉन-लेदर स्लिपर समेत उत्पादों के 46 स्टाल लगाए गए हैं। खास यह है कि यहां निर्यात गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री भी की जा रही है।
इससे ग्राहकों को सीधे निर्माताओं के उत्पाद खरीदने का मौका मिल रहा है। परिषद के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश से फुटवियर, फुटवियर कंपोनेंट, फिनिश्ड लेदर, सेफ्टी शूज, सैडलरी, ग्लव्स, लेदर गुड्स और गारमेंट्स का निर्यात 41,901.91 करोड़ रुपये रहा। इसमें कानपुर की हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी यानी 6,503.14 करोड़ रुपये रही। इस मौके पर राकेश सूरी, विजय कपूर, पल्लवी दुबे आदि थे।
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पर्स खो भी गया तो मिल जाएगा, करेगा आवाज
कानपुर। मेला में जाजमऊ के चमड़ा कारोबारियों ने एक से बढ़कर एक उत्पादों के स्टाल लगाए हैं। स्टेन इंडिया के शमीम आजाद और वशीम आजाद ने बताया कि खास तकनीक से पर्स बनाया गया है। जीपीएस आधारित चिप लगी है। यदि पर्स कभी खो जाता है तो इसकी लोकेशन आसानी से ट्रैक की जा सकेगी। इसमें एक बीप की आवाज भी आएगी जो सिग्नल के तौर पर कार्य करेगा। इसकी लाॅन्चिंग कैबिनेट मंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने की। इसकी कीमत 2900 रुपये है लेकिन इसे कम किया जाएगा। प्री-बुकिंग शुरू की गई है। इसके अलावा लेदर जैकेट, बैग, लैपटॉप बैग समेत सभी चमड़ा उत्पादों को स्टाल में प्रदर्शित किया है। कारोबारी मुदस्सिर अख्तर ने बताया कि चमड़ा उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। (ब्यूरो)
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परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष यादवेंद्र सचान ने कहा कि मेले का उद्देश्य कानपुर और आसपास के औद्योगिक क्लस्टरों की विनिर्माण क्षमता, कारीगरी, डिजाइन और नवाचार को घरेलू बाजार में पहचान दिलाना है। साथ ही छोटे और मझोले उद्यमियों को अपने ब्रांड की पहचान बनाने और खुदरा कारोबारियों व ग्राहकों से सीधे जुड़ने का मंच उपलब्ध कराना है। मेला में लेदर फुटवियर, जूते, महिलाओं के बैग, पर्स, वॉलेट, जैकेट, महिला और पुरुषों की सैंडल, बेल्ट और नॉन-लेदर स्लिपर समेत उत्पादों के 46 स्टाल लगाए गए हैं। खास यह है कि यहां निर्यात गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री भी की जा रही है।
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इससे ग्राहकों को सीधे निर्माताओं के उत्पाद खरीदने का मौका मिल रहा है। परिषद के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश से फुटवियर, फुटवियर कंपोनेंट, फिनिश्ड लेदर, सेफ्टी शूज, सैडलरी, ग्लव्स, लेदर गुड्स और गारमेंट्स का निर्यात 41,901.91 करोड़ रुपये रहा। इसमें कानपुर की हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी यानी 6,503.14 करोड़ रुपये रही। इस मौके पर राकेश सूरी, विजय कपूर, पल्लवी दुबे आदि थे।
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पर्स खो भी गया तो मिल जाएगा, करेगा आवाज
कानपुर। मेला में जाजमऊ के चमड़ा कारोबारियों ने एक से बढ़कर एक उत्पादों के स्टाल लगाए हैं। स्टेन इंडिया के शमीम आजाद और वशीम आजाद ने बताया कि खास तकनीक से पर्स बनाया गया है। जीपीएस आधारित चिप लगी है। यदि पर्स कभी खो जाता है तो इसकी लोकेशन आसानी से ट्रैक की जा सकेगी। इसमें एक बीप की आवाज भी आएगी जो सिग्नल के तौर पर कार्य करेगा। इसकी लाॅन्चिंग कैबिनेट मंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने की। इसकी कीमत 2900 रुपये है लेकिन इसे कम किया जाएगा। प्री-बुकिंग शुरू की गई है। इसके अलावा लेदर जैकेट, बैग, लैपटॉप बैग समेत सभी चमड़ा उत्पादों को स्टाल में प्रदर्शित किया है। कारोबारी मुदस्सिर अख्तर ने बताया कि चमड़ा उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। (ब्यूरो)