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रिंद नदी में बढ़ा पानी, गांवों में फंसे छह हजार लोग
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रनियां। रिंद नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार रात तक नदी का पानी रायपुर कुकहट, देवकली व पहाड़पुर गांव तक पहुंच गया। पहाड़पुर से देवकली जाने वाले मार्ग पर पानी बह रहा है। इससे आवागमन बंद हो गया है। नाव का प्रबंध नहीं होने से तीन गांव के छह हजार लोग बाहर नहीं निकल पा रहे है।
रिंद नदी रनियां क्षेत्र के गांवों से होकर निकलती है। भारी बारिश से नदी उफान पर है। जलस्तर बढ़ने से अब तीन गांवों के रास्ते जलमग्न हो गए हैं। इससे गांवों का संपर्क कट गया है। फसलें जलमग्न होने से किसानों का नुकसान हुआ है। रायपुर कुकहट गांव के गहराई में बने घरों में पानी घुस गया। वहीं देवकली, इटैलिया व पहाडपुर गांव के पास भी नदी का पानी पहुंच गया है।
पहाड़पुर से देवकली गांव जाने वाले रास्ते में पानी भर जाने से आवागमन बंद हो गया है। पहाड़पुर निवासी मनोज कुमार ने बताया कि दो बीघे खेत में बाजरा बोया था। पानी भर जाने से फसल खराब हो गई है। शिवकरन व बाबू सिंह कहते हैं कि खेत में तरोई बोई थी।
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खेत में लबालब पानी भरा होने से पौध सड़ने का खतरा है। लेखपाल विकास मिश्र ने बताया कि नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ गया है। तीन गांवों में पानी पहुंच गया है। नाविकों से बातचीत की गई है। जल्द ही नाव का प्रबंध किया जाएगा।
सोमवार को पहाड़पुर से देवकली गांव जाने वाले रास्ते पर नाव लगाई जाएगी। इसके निर्देश लेखपाल को दिए गए हैं। इससे इन गांवों के लोगों को आवाजाही हो सकेगी। - संजय कुमार, तहसीलदार अकबरपुर
बीडीओ साहब, रहने को थोड़ी सी जमीन दिलवा दो
रनियां। बीडीओ साहब, रहने के लिए थोड़ी सी जमीन दिलवा दो। हर साल बारिश में हमें घरों को छोड़कर दूसरे ठिकानों की तलाश करनी पड़ती है। पूरी गृहस्थी तितर बितर हो जाती है। यह बातें रविवार को रायपुर कुकहट की अनवरी बेगम ने बीडीओ से कहीं। सरवनखेड़ा बीडीओ अशोक कुमार रायपुर कुकहट के पलायन किए परिवारों का हाल लेने पहुंचे थे।
रायपुर कुकहट के 25 परिवारों को धंजुआ पहाड़पुर मार्ग पर जलभराव होने से पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र व स्कूल में ठहराया गया है। कुछ और लोगों ने भी ऊंचाई पर भूमि की मांग की। बीडीओ ने बरसात का पानी सूखने पर हर संभव मदद का भरोसा दिया। इन परिवारों को ग्राम प्रधान बाबू सिंह की ओर से आटा, दाल, चावल और सब्जी दी गई है।
दो परिवारों को पंचायत भवन, पांच परिवारों को प्राथमिक स्कूल व 18 परिवारों को आंगनबाड़ी केंद्र में रोका गया है। यहां ठहरी चुन्नी बेगम, हरिओम व सोनू महजबी ने बताया कि घर छोड़ने के बाद नींद नहीं आई। किसी तरह से रात काटी। बीईओ मुकेश कुमार व सचिव रवि शुक्ला ने भी व्यवस्था देखी। बीडीओ ने पंचायत भवन के पास खराब हैंडपंप की मरम्मत शुरू कराई। (संवाद)
यमुना के जलस्तर पर राजस्व टीमों की निगाह
राजपुर। लगातार बारिश से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी की तलहटी पर बसे गांवों की निगरानी के लिए एसडीएम ने ग्रामवार राजस्व टीमों का गठन किया है। यह टीमें गांव में नियमित जाकर जलस्तर की समीक्षा की रिपोर्ट एसडीएम को देगी।
लगातार कई दिनों से हो रही बारिश से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा है। यमुना का जलस्तर सामान्य से लगभग दो मीटर ऊपर रिकार्ड किया गया है। ऐसे में नदी की तलहटी पर बसे बैजामऊ बांगर, गौरीरतन बांगर, जैसलपुर महदेवा, महेशपुर, बेहमई गांव में बाढ़ के हालात की निगरानी के लिए एसडीएम सिकंदरा रमेश चंद्र के निर्देश पर तहसीलदार लखनलाल राजपूत ने लेखपालों व राजस्व टीम को तैनात किया है।
रविवार को राजस्व टीम ने तलहटी पर बसे गांवों में जाकर प्राथमिक विद्यालयों के अलावा पंचायत भवनों में साफ सफाई कराकर सतर्कता बरतने की बात लोगों से कही। एसडीएम ने बताया कि फिलहाल यमुना नदी का पानी खतरे के निशान से बहुत दूर है फिर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)
आढ़न पथार की पुलिया से उतरा पानी
पुखरायां। जिले में रविवार को रुक-रुक कर बारिश होती रही। वहीं जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। उधर मूसानगर स्थित आढ़न पथार की पुलिया पर यमुना का पानी घटा है। इससे पुलिया से आवागमन शुरू हो गया है।
जिले में रविवार की सुबह आसमान साफ होने के साथ तेज धूप भी निकली थी। नौ बजते ही बादल छा गए और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इसके बाद दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बरौर के राजकुमार, बोबी सचान, हरीशचंद्र उपाध्याय, कामता प्रसाद, कैलई के अबरार ने बताया कि बारिश के चलते जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
वहीं पथार के वीरेंद्र कुमार, हरीबाबू, परशुराम, खुशीराम ने बताया कि रविवार की सुबह आढ़न व पथार गांव के रास्ते की पुलिया के नीचे पानी पहुंच गया है। जिससे आवागमन का रास्ता खुल गया है। लोग पैदल व वाहनों से आवागमन करने लगे हैं।
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रिंद नदी रनियां क्षेत्र के गांवों से होकर निकलती है। भारी बारिश से नदी उफान पर है। जलस्तर बढ़ने से अब तीन गांवों के रास्ते जलमग्न हो गए हैं। इससे गांवों का संपर्क कट गया है। फसलें जलमग्न होने से किसानों का नुकसान हुआ है। रायपुर कुकहट गांव के गहराई में बने घरों में पानी घुस गया। वहीं देवकली, इटैलिया व पहाडपुर गांव के पास भी नदी का पानी पहुंच गया है।
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पहाड़पुर से देवकली गांव जाने वाले रास्ते में पानी भर जाने से आवागमन बंद हो गया है। पहाड़पुर निवासी मनोज कुमार ने बताया कि दो बीघे खेत में बाजरा बोया था। पानी भर जाने से फसल खराब हो गई है। शिवकरन व बाबू सिंह कहते हैं कि खेत में तरोई बोई थी।
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खेत में लबालब पानी भरा होने से पौध सड़ने का खतरा है। लेखपाल विकास मिश्र ने बताया कि नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ गया है। तीन गांवों में पानी पहुंच गया है। नाविकों से बातचीत की गई है। जल्द ही नाव का प्रबंध किया जाएगा।
सोमवार को पहाड़पुर से देवकली गांव जाने वाले रास्ते पर नाव लगाई जाएगी। इसके निर्देश लेखपाल को दिए गए हैं। इससे इन गांवों के लोगों को आवाजाही हो सकेगी। - संजय कुमार, तहसीलदार अकबरपुर
बीडीओ साहब, रहने को थोड़ी सी जमीन दिलवा दो
रनियां। बीडीओ साहब, रहने के लिए थोड़ी सी जमीन दिलवा दो। हर साल बारिश में हमें घरों को छोड़कर दूसरे ठिकानों की तलाश करनी पड़ती है। पूरी गृहस्थी तितर बितर हो जाती है। यह बातें रविवार को रायपुर कुकहट की अनवरी बेगम ने बीडीओ से कहीं। सरवनखेड़ा बीडीओ अशोक कुमार रायपुर कुकहट के पलायन किए परिवारों का हाल लेने पहुंचे थे।
रायपुर कुकहट के 25 परिवारों को धंजुआ पहाड़पुर मार्ग पर जलभराव होने से पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र व स्कूल में ठहराया गया है। कुछ और लोगों ने भी ऊंचाई पर भूमि की मांग की। बीडीओ ने बरसात का पानी सूखने पर हर संभव मदद का भरोसा दिया। इन परिवारों को ग्राम प्रधान बाबू सिंह की ओर से आटा, दाल, चावल और सब्जी दी गई है।
दो परिवारों को पंचायत भवन, पांच परिवारों को प्राथमिक स्कूल व 18 परिवारों को आंगनबाड़ी केंद्र में रोका गया है। यहां ठहरी चुन्नी बेगम, हरिओम व सोनू महजबी ने बताया कि घर छोड़ने के बाद नींद नहीं आई। किसी तरह से रात काटी। बीईओ मुकेश कुमार व सचिव रवि शुक्ला ने भी व्यवस्था देखी। बीडीओ ने पंचायत भवन के पास खराब हैंडपंप की मरम्मत शुरू कराई। (संवाद)
यमुना के जलस्तर पर राजस्व टीमों की निगाह
राजपुर। लगातार बारिश से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी की तलहटी पर बसे गांवों की निगरानी के लिए एसडीएम ने ग्रामवार राजस्व टीमों का गठन किया है। यह टीमें गांव में नियमित जाकर जलस्तर की समीक्षा की रिपोर्ट एसडीएम को देगी।
लगातार कई दिनों से हो रही बारिश से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा है। यमुना का जलस्तर सामान्य से लगभग दो मीटर ऊपर रिकार्ड किया गया है। ऐसे में नदी की तलहटी पर बसे बैजामऊ बांगर, गौरीरतन बांगर, जैसलपुर महदेवा, महेशपुर, बेहमई गांव में बाढ़ के हालात की निगरानी के लिए एसडीएम सिकंदरा रमेश चंद्र के निर्देश पर तहसीलदार लखनलाल राजपूत ने लेखपालों व राजस्व टीम को तैनात किया है।
रविवार को राजस्व टीम ने तलहटी पर बसे गांवों में जाकर प्राथमिक विद्यालयों के अलावा पंचायत भवनों में साफ सफाई कराकर सतर्कता बरतने की बात लोगों से कही। एसडीएम ने बताया कि फिलहाल यमुना नदी का पानी खतरे के निशान से बहुत दूर है फिर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)
आढ़न पथार की पुलिया से उतरा पानी
पुखरायां। जिले में रविवार को रुक-रुक कर बारिश होती रही। वहीं जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। उधर मूसानगर स्थित आढ़न पथार की पुलिया पर यमुना का पानी घटा है। इससे पुलिया से आवागमन शुरू हो गया है।
जिले में रविवार की सुबह आसमान साफ होने के साथ तेज धूप भी निकली थी। नौ बजते ही बादल छा गए और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इसके बाद दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बरौर के राजकुमार, बोबी सचान, हरीशचंद्र उपाध्याय, कामता प्रसाद, कैलई के अबरार ने बताया कि बारिश के चलते जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
वहीं पथार के वीरेंद्र कुमार, हरीबाबू, परशुराम, खुशीराम ने बताया कि रविवार की सुबह आढ़न व पथार गांव के रास्ते की पुलिया के नीचे पानी पहुंच गया है। जिससे आवागमन का रास्ता खुल गया है। लोग पैदल व वाहनों से आवागमन करने लगे हैं।