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बिकरू कांड: पुलिस से लूटी गई एके-47 की गोलियों का नहीं लगा पता
Thu, 23 Jul 2020 06:31 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 23 Jul 2020 06:31 PM IST
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
दहशतगर्द विकास दुबे और उसके गुर्गों ने पुलिस से जो एके-47 लूटी थी, उसमें 13 गोलियां कम हैं। कुछ खोखे तो मौके से बरामद हुए थे लेकिन कुछ का सुराग नहीं लगा। आशंका है कि ये कारतूस बिकरू कांड के फरार आरोपियों के पास हो सकते हैं।
एसएसपी दिनेश कुमार पी का कहना है कि फरार आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। बिकरू गांव में दो जुलाई की रात दबिश के दौरान पुलिस के पांच असलहे (एक एके-47, एक इंसास राइफल, एक ग्लॉक पिस्टल व दो 9 एमएम पिस्टल) लूट लिए गए थे।
इसके बाद बाद इन असलहों से भी पुलिस पर गोलियां चलाईं थी। लूटे गए सभी असलहे बरामद हो चुके हैं। 30 कारतूस की क्षमता वाली एके-47 में 17 कारतूस मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ था कि कुछ गोलियां तो पुलिस वालों को लगी थीं लेकिन बाकी का पता नहीं चल पा रहा है।
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असलहे पहुंचाने वालों की तलाश
जिस तरह के हथियारों का इस्तेमाल विकास और उसके गुर्गों ने किया है, उससे आशंका है कि पूरे गिरोह को किसी बड़े तस्कर ने असलहे सप्लाई किए थे। बिहार, इटावा और झांसी के कुछ तस्करों के नाम सामने भी आए हैं। जांच चल रही है।
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एसएसपी दिनेश कुमार पी का कहना है कि फरार आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। बिकरू गांव में दो जुलाई की रात दबिश के दौरान पुलिस के पांच असलहे (एक एके-47, एक इंसास राइफल, एक ग्लॉक पिस्टल व दो 9 एमएम पिस्टल) लूट लिए गए थे।
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इसके बाद बाद इन असलहों से भी पुलिस पर गोलियां चलाईं थी। लूटे गए सभी असलहे बरामद हो चुके हैं। 30 कारतूस की क्षमता वाली एके-47 में 17 कारतूस मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ था कि कुछ गोलियां तो पुलिस वालों को लगी थीं लेकिन बाकी का पता नहीं चल पा रहा है।
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असलहे पहुंचाने वालों की तलाश
जिस तरह के हथियारों का इस्तेमाल विकास और उसके गुर्गों ने किया है, उससे आशंका है कि पूरे गिरोह को किसी बड़े तस्कर ने असलहे सप्लाई किए थे। बिहार, इटावा और झांसी के कुछ तस्करों के नाम सामने भी आए हैं। जांच चल रही है।