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सनसनीखेज खुलासा: विकास दुबे मरने के बाद भी आवास अपील समिति का सदस्य
Thu, 25 Mar 2021 03:45 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 25 Mar 2021 03:45 PM IST
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विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड का मुख्य आरोपी रहा विकास दुबे जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) की आवास अपील समिति का पांच साल से सदस्य है। ताज्जुब की बात है कि उसका एनकाउंटर हुए आठ माह हो गए लेकिन उसके स्थान पर परियोजना निदेशक ने किसी दूसरे सदस्य को अभी तक नामित नहीं किया।
आवास आवंटन की पात्रता सूची में गड़बड़ी की जांच में इसका खुलासा हुआ। डीआरडीए विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का संचालन किया जाता है। इसमें आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की मदद सरकार की ओर से दी जाती है।
पात्रों का चयन सचिव और बीडीओ करते हैं। उसके बाद फाइनल सूची पर जो आपत्तियां आती हैं, उनका निस्तारण करने और पात्रों को धनराशि उपलब्ध कराने के बाद ग्राम पंचायत में सूची का प्रकाशन करने का काम अपील समिति का होता है।
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इसमें सीडीओ अध्यक्ष और परियोजना निदेशक व अच्छी छवि वाला ब्लॉक का एक व्यक्ति सदस्य होता है। शिवराजपुर ब्लॉक में 2015 में विकास दुबे को परियोजना निदेशक ने सदस्य नामित किया था। उसके कहने पर ही लोगों को आवास आवंटन किया जाता था।
जुलाई 2020 में एनकाउंटर के बाद भी विकास का नाम नहीं हटाया गया। 2021 में 3581 लोगों की सूची बिना अपील समिति के अध्यक्ष के अनुमोदन कराए शासन को भेज दी गई। सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार का कहना है कि इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। जल्द कमेटी का दूसरा सदस्य नामित कराएंगे।
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आवास आवंटन की पात्रता सूची में गड़बड़ी की जांच में इसका खुलासा हुआ। डीआरडीए विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का संचालन किया जाता है। इसमें आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की मदद सरकार की ओर से दी जाती है।
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पात्रों का चयन सचिव और बीडीओ करते हैं। उसके बाद फाइनल सूची पर जो आपत्तियां आती हैं, उनका निस्तारण करने और पात्रों को धनराशि उपलब्ध कराने के बाद ग्राम पंचायत में सूची का प्रकाशन करने का काम अपील समिति का होता है।
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इसमें सीडीओ अध्यक्ष और परियोजना निदेशक व अच्छी छवि वाला ब्लॉक का एक व्यक्ति सदस्य होता है। शिवराजपुर ब्लॉक में 2015 में विकास दुबे को परियोजना निदेशक ने सदस्य नामित किया था। उसके कहने पर ही लोगों को आवास आवंटन किया जाता था।
जुलाई 2020 में एनकाउंटर के बाद भी विकास का नाम नहीं हटाया गया। 2021 में 3581 लोगों की सूची बिना अपील समिति के अध्यक्ष के अनुमोदन कराए शासन को भेज दी गई। सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार का कहना है कि इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। जल्द कमेटी का दूसरा सदस्य नामित कराएंगे।