Kanpur: न्याय संघर्ष समिति के साथ पीड़ित ने JCP को सौंपा पत्र, बोला- लॉकर न खोलने देने पर अनश्न पर बैठ जाऊंगा
Kanpur Locker Case: न्याय संघर्ष समिति के नेतृत्व में पीड़ित व्यापारी ने बैंक में अपना ही लॉकर ना खोले जाने की शिकायत जॉइंट पुलिस कमिश्नर से की। उसने बताया कि उनका पुश्तैनी लॉकर बैंक में है। लॉकर में लगभग एक करोड़ से ज्यादा के सोने के जेवर रखे थे।
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कानपुर में लॉकरों को न खोलने देने के मामले में पीड़ित ने शुक्रवार को जेसीपी से मिलकर उन्हें मांगपत्र सौंपा। पीड़ित ने कहा कि लॉकर न खुला, तो वह अनशन में बैठ जाएंगे। न्याय संघर्ष समिति के नेतृत्व में मालरोड निवासी पीड़ित रमेश खन्ना ने जेसी आनंद प्रकाश तिवारी से मुलाकात की।
रमेश ने कहा कि उनके लॉकर खोलने की अनुमति दिलाई जाए। बैंक में लॉकर न होने की बात कहकर गुमराह करने वाले अफसरों पर कार्रवाई कराई जाए। 50 वर्ष पुरानी पारिवारिक निशानी लॉकर में थी। एक वर्ष से हाथ जोड़कर न्याय की भीख मांग रहा हूं।
एसआईटी कर रही थी जांच
समिति के लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष अगस्त में रमेश खन्ना कराचीखाना स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अफसरों ने यह कहकर बैंक से लौटा दिया कि उनका कोई लॉकर नहीं है। रमेश ने शिकायत करते हुए बताया कि उनका पुश्तैनी लॉकर बैंक में है। लॉकर में लगभग एक करोड़ से ज्यादा के सोने के जेवर रखे थे।
आयकर विभाग को लिखा था एक पत्र
उन लोगों के आवाज उठाने पर सीपी और जेसीपी ने एसआईटी गठित की थी। एसआईटी में पता चला कि बैंक लॉकर है। पुलिस ने बैंक से लॉकर की जानकारी के लिए आयकर विभाग को एक पत्र लिखा था। अभी तक यह जांच आगे नहीं बढ़ी है।