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इस अंदाज में मनाई वसंत पंचमी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 02 Feb 2017 01:50 AM IST
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ये हैं वसंत पंचमी की कुछ तस्वीरें
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वसंत पंचमी बुधवार को धूमधाम से मनाई गई। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद दान पुण्य किया गया। वहीं स्कूलों-घरों में मां सरस्वती की पूजा की गई। स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए।इस बार वसंत ऋतु का आगमन उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र व चंद्रमा के मीन राशि में हुआ है। पुराने समय में इस दिन बालकों का उपनयन करके विद्या अर्जित करने के लिए गुरुकुल भेजा जाता था, इसीलिए शिक्षण संस्थाओं में इस दिन मां सरस्वती की पूजा होती है।
बुधवार को वसंत पंचमी पर सुबह से, बिठूर, परमट, गोला, भगवतदास आदि घाटों पर गंगा स्नान को श्रद्धालु पहुंचे। दानपुण्य भी किया। सरसैया घाट पर नव ज्योति मानस मंडल की ओर से स्वामी रामदास महाराज ने सरस्वती वंदना की। इस मौके पर कौशलेंद्र, सुमित, अंकित आदि मौजूद रहे। कला मंच की ओर से काली मठिया मंदिर से रैली निकाली गई। इस मौके पर सुनील, विशाखा, संजय शुक्ला आदि मौजूद रहे। युवा भारत स्वाभिमान न्यास की ओर से कृष्णा पार्क में पूजा का आयोजन रखा गया। इस मौके पर सुरेश त्रिपाठी, दिनेश यादव आदि मौजूद रहे।
उर्स में चढ़ा बसंत पंचमी का रंग
कानपुर मछरिया स्थित हजरत अली शाह वारसी उर्फ मेराज बाबा का सालाना उर्स बुधवार को उनकी खानकाह पर अकीदत के साथ मनाया गया। उर्स में बसंत पंचमी की छाप भी देखने को मिली। खानकाह को पीले फूलों से सजाया गया और पीली चादर पेश की गई। लंगर के तौर पर तहरी बांटी गई, क्योंकि इसका रंग भी पीला होता है। खानकाह पर हिंदू-मुस्लिम श्रद्धालुओं की बराबर की हिस्सेदारी रही।
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खानकाह रहमत कदा-ए-वारिस के कोषाध्यक्ष आशीष सचान ने बताया कि हजरत मेराज बाबा को उनके पीर रायबरेली जिले के बाला हरदोई स्थित खानकाह से विलायत बसंत पंचमी के दिन मिली थी। उनका सालाना उर्स भी इस बार बसंत पंचमी पर पड़ा। उनके जीते जी हिंदू और मुस्लिमों को उनकी दुआओं से शिफा मिली है। आज भी उनकी मजार पर सभी धर्म के लोग हाजिरी देते हैं। बुधवार से उनका छठवां सालाना उर्स शुरू हुआ है, जो कि शुक्रवार तक चलेगा। शाम को असर की नमाज के समय बसंत पंचमी की नजर दिलाई गई।
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बुधवार को वसंत पंचमी पर सुबह से, बिठूर, परमट, गोला, भगवतदास आदि घाटों पर गंगा स्नान को श्रद्धालु पहुंचे। दानपुण्य भी किया। सरसैया घाट पर नव ज्योति मानस मंडल की ओर से स्वामी रामदास महाराज ने सरस्वती वंदना की। इस मौके पर कौशलेंद्र, सुमित, अंकित आदि मौजूद रहे। कला मंच की ओर से काली मठिया मंदिर से रैली निकाली गई। इस मौके पर सुनील, विशाखा, संजय शुक्ला आदि मौजूद रहे। युवा भारत स्वाभिमान न्यास की ओर से कृष्णा पार्क में पूजा का आयोजन रखा गया। इस मौके पर सुरेश त्रिपाठी, दिनेश यादव आदि मौजूद रहे।
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उर्स में चढ़ा बसंत पंचमी का रंग
कानपुर मछरिया स्थित हजरत अली शाह वारसी उर्फ मेराज बाबा का सालाना उर्स बुधवार को उनकी खानकाह पर अकीदत के साथ मनाया गया। उर्स में बसंत पंचमी की छाप भी देखने को मिली। खानकाह को पीले फूलों से सजाया गया और पीली चादर पेश की गई। लंगर के तौर पर तहरी बांटी गई, क्योंकि इसका रंग भी पीला होता है। खानकाह पर हिंदू-मुस्लिम श्रद्धालुओं की बराबर की हिस्सेदारी रही।
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खानकाह रहमत कदा-ए-वारिस के कोषाध्यक्ष आशीष सचान ने बताया कि हजरत मेराज बाबा को उनके पीर रायबरेली जिले के बाला हरदोई स्थित खानकाह से विलायत बसंत पंचमी के दिन मिली थी। उनका सालाना उर्स भी इस बार बसंत पंचमी पर पड़ा। उनके जीते जी हिंदू और मुस्लिमों को उनकी दुआओं से शिफा मिली है। आज भी उनकी मजार पर सभी धर्म के लोग हाजिरी देते हैं। बुधवार से उनका छठवां सालाना उर्स शुरू हुआ है, जो कि शुक्रवार तक चलेगा। शाम को असर की नमाज के समय बसंत पंचमी की नजर दिलाई गई।