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वकीलों ने बाइक रैली निकाल हसेरन तहसील का किया विरोध
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बाइक रैली निकालकर लोगों को जागरूक करते वकील।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा(कन्नौज)। हसेरन तहसील के विरोध में वकीलों ने कस्बे में बाइक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों समेत अन्य लोगों से सहयोग मांगा गया।
जिले में चौथी तहसील के रूप में हसेरन का गठन किया जा रहा है। नई तहसील के गठन को लेकर तहसील के लायर्स व बार एसोसिएशन के वकीलों में आक्रोश है। यह काफी समय से हसेरन तहसील के गठन का विरोध कर रहे हैं। वकीलों ने कलमबंद हड़ताल कर तहसील के गठन का विरोध करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को वकीलों ने तहसील से बालाजी मंदिर व मेडिकल कालेज तक बाइक रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया। वकीलों ने कहा कि अगर हसेरन तहसील बन जाएगी तो तिर्वा में कुछ नहीं बचेगा। इंदरगढ़ के आगे के क्षेत्र के लोग तिर्वा आना बंद कर देंगे। इससे व्यापार पर असर पडे़गा। हसेरन में तहसील बनने की जगह नहीं है।
वकीलों ने व्यापारियों से मांग की है कि हसेरन तहसील के विरोध में वकीलों के साथ विरोध प्रदर्शन करें। इस मौके पर राजेश श्रीवास्तव, कलक्टर सिंह, कमलेश पाल, लल्ला ठाकुर, अरविंद राजपूत, परमानंद तिवारी, आदेश पटेल, सतीश राजपूत, अनिल पाल, अनिल वर्मा, देवेंद्र भदौरिया, बृजेश यादव, स्वदेश चौहान, उत्तम सिंह समेत कई वकील मौजूद रहे।
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11 वें दिन भी जारी रही वकीलों की हड़ताल, भटकते रहे वादकारी
छिबरामऊ(क न्नौज)। नवसृजित हसेरन तहसील के विरोध में वकीलों की हड़ताल लगातार 11वें दिन जारी रही। वकीलों की हड़ताल के चलते मुंसिफी व तहसील कार्यालयों में कोई काम नहीं हुआ। इससे वादकारी भटकते रहे। गुरुवार को धरना प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव जीतू ने कहा कि पूर्व की सरकार ने आम जनमानस की भावनाओं की उपेक्षा करते हुए हसेरन तहसील का निर्णय लिया था। यह जनता के हित में नहीं है। पूर्व अध्यक्ष धर्मवीर सिंह यादव ने कहा कि हसेरन क्षेत्र का विकास नई तहसील बनाकर नहीं किया जा सकता। अच्छी चिकित्सा व उच्च शिक्षा की सुविधा प्रदान करने के लिए उच्च स्तर के अस्पताल एवं स्नातकोत्तर विद्यालय खोले जाएं। महासचिव ललित प्रताप सिंह ने कहा कि विकास तभी संभव है, जब विकास के लिए मिलने वाले धन का खर्च ईमानदारी एवं पारदर्शी तरीके से किया जाए। इस दौरान महासचिव पंकज मिश्रा, जगदीश चंद्र शाक्य, संजीव दुबे, विजय तिवारी, अजित मिश्रा, राजकुमार सिंह, दिनेश सिंह बैस, विकास सक्सेना, संजीव हजेला, राजीव हजेला, योगेंद्र सिंह, विमलेश राजपूत, चित्रांश राय, धीरज तिवारी, रजनीश यादव व रूपेश दुबे सहित कई वकील मौजूद रहे।
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जिले में चौथी तहसील के रूप में हसेरन का गठन किया जा रहा है। नई तहसील के गठन को लेकर तहसील के लायर्स व बार एसोसिएशन के वकीलों में आक्रोश है। यह काफी समय से हसेरन तहसील के गठन का विरोध कर रहे हैं। वकीलों ने कलमबंद हड़ताल कर तहसील के गठन का विरोध करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को वकीलों ने तहसील से बालाजी मंदिर व मेडिकल कालेज तक बाइक रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया। वकीलों ने कहा कि अगर हसेरन तहसील बन जाएगी तो तिर्वा में कुछ नहीं बचेगा। इंदरगढ़ के आगे के क्षेत्र के लोग तिर्वा आना बंद कर देंगे। इससे व्यापार पर असर पडे़गा। हसेरन में तहसील बनने की जगह नहीं है।
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वकीलों ने व्यापारियों से मांग की है कि हसेरन तहसील के विरोध में वकीलों के साथ विरोध प्रदर्शन करें। इस मौके पर राजेश श्रीवास्तव, कलक्टर सिंह, कमलेश पाल, लल्ला ठाकुर, अरविंद राजपूत, परमानंद तिवारी, आदेश पटेल, सतीश राजपूत, अनिल पाल, अनिल वर्मा, देवेंद्र भदौरिया, बृजेश यादव, स्वदेश चौहान, उत्तम सिंह समेत कई वकील मौजूद रहे।
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11 वें दिन भी जारी रही वकीलों की हड़ताल, भटकते रहे वादकारी
छिबरामऊ(क न्नौज)। नवसृजित हसेरन तहसील के विरोध में वकीलों की हड़ताल लगातार 11वें दिन जारी रही। वकीलों की हड़ताल के चलते मुंसिफी व तहसील कार्यालयों में कोई काम नहीं हुआ। इससे वादकारी भटकते रहे। गुरुवार को धरना प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव जीतू ने कहा कि पूर्व की सरकार ने आम जनमानस की भावनाओं की उपेक्षा करते हुए हसेरन तहसील का निर्णय लिया था। यह जनता के हित में नहीं है। पूर्व अध्यक्ष धर्मवीर सिंह यादव ने कहा कि हसेरन क्षेत्र का विकास नई तहसील बनाकर नहीं किया जा सकता। अच्छी चिकित्सा व उच्च शिक्षा की सुविधा प्रदान करने के लिए उच्च स्तर के अस्पताल एवं स्नातकोत्तर विद्यालय खोले जाएं। महासचिव ललित प्रताप सिंह ने कहा कि विकास तभी संभव है, जब विकास के लिए मिलने वाले धन का खर्च ईमानदारी एवं पारदर्शी तरीके से किया जाए। इस दौरान महासचिव पंकज मिश्रा, जगदीश चंद्र शाक्य, संजीव दुबे, विजय तिवारी, अजित मिश्रा, राजकुमार सिंह, दिनेश सिंह बैस, विकास सक्सेना, संजीव हजेला, राजीव हजेला, योगेंद्र सिंह, विमलेश राजपूत, चित्रांश राय, धीरज तिवारी, रजनीश यादव व रूपेश दुबे सहित कई वकील मौजूद रहे।