{"_id":"6ae25225f466befbdc039329","slug":"upca-has-rejected-the-age-verification-of-under-16-cricketers-kanpur-news-c-362-1-ka11002-159723-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: यूपीसीए ने खारिज किए अंडर-16 क्रिकेटरों की उम्र जांच पर उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: यूपीसीए ने खारिज किए अंडर-16 क्रिकेटरों की उम्र जांच पर उठे सवाल
विज्ञापन
कानपुर। यूपी अंडर-16 क्रिकेटरों की लगातार दो वर्षों की बोन टेस्ट रिपोर्ट में अंतर सामने आने से आयु सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। कुछ खिलाड़ियों की फाइनल रेटिंग छह महीने बढ़ी, कुछ की दो महीने घटी, जबकि कई की रेटिंग में बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, यूपीसीए ने प्रक्रिया को बीसीसीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बताया है।
अंडर-16 क्रिकेट में खिलाड़ियों की उम्र निर्धारित करने के लिए बोन टेस्ट कराया जाता है। जन्मतिथि के दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका के चलते यह जांच महत्वपूर्ण है। निर्धारित आयु सीमा से अधिक उम्र मिलने पर खिलाड़ी अयोग्य हो जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, आरव त्यागी की रेटिंग 15.6 से बढ़कर 16.2 और अयांश सानू की 15.7 से 15.9 हुई। आलोक कुमार की रेटिंग 15.9 से घटकर 15.7 रह गई। कामरान अली, कृष्ण कुमार और रुद्र शर्मा की रेटिंग दोनों वर्षों में 16.2 रही। विष्णु सरोज की रेटिंग 16.7 से घटकर 16.2 दर्ज हुई। यशवर्धन सिंह की रिपोर्ट में भी अंतर है।
विज्ञापन
16.4 तक की रेटिंग पर पूरे सत्र में खेलने की पात्रता है, जबकि 16.5 या अधिक पर खिलाड़ी अयोग्य होता है। बीसीसीआई के एक अधिकारी के मुताबिक, पहले मशीन से जांच होती थी, इस बार कंसल्टेंट नियुक्त किए गए। यूपीसीए मीडिया कमेटी के को-चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने कहा कि दोबारा जांच नहीं होगी।
विज्ञापन
अंडर-16 क्रिकेट में खिलाड़ियों की उम्र निर्धारित करने के लिए बोन टेस्ट कराया जाता है। जन्मतिथि के दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका के चलते यह जांच महत्वपूर्ण है। निर्धारित आयु सीमा से अधिक उम्र मिलने पर खिलाड़ी अयोग्य हो जाता है।
विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार, आरव त्यागी की रेटिंग 15.6 से बढ़कर 16.2 और अयांश सानू की 15.7 से 15.9 हुई। आलोक कुमार की रेटिंग 15.9 से घटकर 15.7 रह गई। कामरान अली, कृष्ण कुमार और रुद्र शर्मा की रेटिंग दोनों वर्षों में 16.2 रही। विष्णु सरोज की रेटिंग 16.7 से घटकर 16.2 दर्ज हुई। यशवर्धन सिंह की रिपोर्ट में भी अंतर है।
विज्ञापन
16.4 तक की रेटिंग पर पूरे सत्र में खेलने की पात्रता है, जबकि 16.5 या अधिक पर खिलाड़ी अयोग्य होता है। बीसीसीआई के एक अधिकारी के मुताबिक, पहले मशीन से जांच होती थी, इस बार कंसल्टेंट नियुक्त किए गए। यूपीसीए मीडिया कमेटी के को-चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने कहा कि दोबारा जांच नहीं होगी।