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कानपुर: नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे के पांच ब्लैक स्पॉट सुधरेंगे, 27 करोड़ रुपये से बदलेगी सड़क की बनावट
Wed, 28 Oct 2026 10:47 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 28 Oct 2026 10:47 PM IST
सार
Kanpur News: 27 करोड़ रुपये से सड़क की बनावट बदलेगी। नवंबर से काम शुरू करने की तैयारी है। प्रमुख मोड़ों पर सर्विस रोड बनेंगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर हादसों का खतरा कम करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पांच दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़क की बनावट बदलेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर इसके लिए करीब 27 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत घाटमपुर क्षेत्र के रमईपुर, पतारा, आनूपुर मोड़, दुर्गा मंदिर और भदरस मोड़ पर सुधार कार्य कराया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया के बाद जम्मू की कंपनी टीआरजी को काम देने का निर्णय लिया गया है। नवंबर से निर्माण शुरू कराने की तैयारी है।
योजना के तहत प्रमुख मोड़ों पर चौड़ीकरण के साथ डिवाइडर और सर्विस रोड बनाई जाएगी। इससे गांवों से निकलने वाले वाहनों को सीधे हाईवे पर आने से रोकने और यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। दो लेन के इस हाईवे की क्षमता करीब तीन हजार पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) बताई गई है, जबकि इस पर लगभग दस गुना यातायात का दबाव है। भारी वाहनों और ओवरलोड डंपरों की आवाजाही के साथ तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और अनावश्यक ओवरटेकिंग दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाते हैं।
पार्किंग और ब्रेकर भी चुनौती
हाईवे किनारे होटल और गेस्ट हाउस में पर्याप्त पार्किंग न होने से वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। इससे आवागमन के लिए जगह कम हो जाती है। रात में तेज रोशनी वाले वाहन और गांवों के पास रेडियम पट्टी के बिना बने ब्रेकर भी हादसों को बढ़ाते हैं।
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योजना के तहत प्रमुख मोड़ों पर चौड़ीकरण के साथ डिवाइडर और सर्विस रोड बनाई जाएगी। इससे गांवों से निकलने वाले वाहनों को सीधे हाईवे पर आने से रोकने और यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। दो लेन के इस हाईवे की क्षमता करीब तीन हजार पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) बताई गई है, जबकि इस पर लगभग दस गुना यातायात का दबाव है। भारी वाहनों और ओवरलोड डंपरों की आवाजाही के साथ तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और अनावश्यक ओवरटेकिंग दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाते हैं।
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पार्किंग और ब्रेकर भी चुनौती
हाईवे किनारे होटल और गेस्ट हाउस में पर्याप्त पार्किंग न होने से वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। इससे आवागमन के लिए जगह कम हो जाती है। रात में तेज रोशनी वाले वाहन और गांवों के पास रेडियम पट्टी के बिना बने ब्रेकर भी हादसों को बढ़ाते हैं।
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पांच ब्लैक स्पॉट के सुधार का टेंडर फाइनल हो गया है। प्रमुख मोड़ों पर चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण कराया जाएगा। नवंबर से काम शुरू होगा। - पंकज यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई