{"_id":"683871f588157d92ed0605dc","slug":"up-staff-kept-sleeping-delivery-took-place-on-bed-newborn-died-after-falling-in-the-dustbin-2025-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: सोता रहा स्टाफ, बेड पर हुआ प्रसव, डस्टबिन में गिरने से नवजात की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: सोता रहा स्टाफ, बेड पर हुआ प्रसव, डस्टबिन में गिरने से नवजात की मौत
Thu, 29 May 2025 08:12 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 29 May 2025 08:12 PM IST
सार
सोता रहा स्टाफ और बेड पर ही प्रसव हुआ। यही नहीं डस्टबिन में गिरने से नवजात की जान भी चली गई। मामले की जांच के लिए सीएमएस ने कमेटी का गठन किया है।
विज्ञापन
पीड़ित से घटना की जानकारी करते चौकी प्रभारी भागमल सिंह व मौजूद अन्य
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में बुधवार रात प्रसव कक्ष में एक प्रसूता दर्द से घंटों कराहती रही। रात तीन बजे के करीब उसने नवजात को जन्म दिया, जो बेड किनारे रखे डस्टबिन में जा गिरा। जिसकी इलाज के दौरान कुछ घंटे बाद जान चली गई। प्रसूता के पति ने रात में स्टॉफ के सोते रहने व बुलाने पर न आने के कारण नवजात की डस्टबिन में गिरने से मौत का आरोप लगाया। सीएमएस ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है।
रूरा थाना के प्रेमाधाम कारी-कलवारी निवासी सुनील नायक ने बताया बुधवार देर रात पत्नी सरिता को प्रसव पीड़ा हुई। इसपर वह पत्नी को मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल लेकर आए। यहां रात डेढ़ बजे के बाद पत्नी को वहां के स्टॉफ ने कुछ दवाइयां देकर वार्ड में भर्ती कर लिया। इसके बाद स्टाफ सोने चला गया। रात दो बजे के करीब प्रसव पीड़ा बढ़ने पर दो कमरों में सो रहे कर्मचारियों को उसकी मां ओमवती ने जगाने का प्रयास किया मगर कोई भी पत्नी को देखने नहीं गया।
विज्ञापन
इधर पत्नी का बिना किसी स्वास्थ्य कर्मी की मौजूदगी के प्रसव हो गया। प्रसव के तुरंत बाद नवजात बेड किनारे रखे डस्टबिन में गिर गया। इसकी जानकारी होने पर कर्मचारियों ने बच्चे को एसएनसीयू में भर्ती करवा दिया। सुबह 10 बजे के करीब बच्चे की मौत हो गई। स्टाफ मामले को छिपाए रहा। दोपहर दो बजे कर्मचारियों ने उसे मृत्यु प्रमाण पत्र थमाकर शव ले जाने के लिए कहा। इस पर उसने लापरवाही का आरोप लगाते हुए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। वहीं परिवार के लोग व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए नाराजगी जताने लगे।
जानकारी पर मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी भागमल सिंह जा पहुंचे। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी की। वहीं मामले को लेकर महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट आने पर जिसकी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रूरा थाना के प्रेमाधाम कारी-कलवारी निवासी सुनील नायक ने बताया बुधवार देर रात पत्नी सरिता को प्रसव पीड़ा हुई। इसपर वह पत्नी को मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल लेकर आए। यहां रात डेढ़ बजे के बाद पत्नी को वहां के स्टॉफ ने कुछ दवाइयां देकर वार्ड में भर्ती कर लिया। इसके बाद स्टाफ सोने चला गया। रात दो बजे के करीब प्रसव पीड़ा बढ़ने पर दो कमरों में सो रहे कर्मचारियों को उसकी मां ओमवती ने जगाने का प्रयास किया मगर कोई भी पत्नी को देखने नहीं गया।
विज्ञापन
इधर पत्नी का बिना किसी स्वास्थ्य कर्मी की मौजूदगी के प्रसव हो गया। प्रसव के तुरंत बाद नवजात बेड किनारे रखे डस्टबिन में गिर गया। इसकी जानकारी होने पर कर्मचारियों ने बच्चे को एसएनसीयू में भर्ती करवा दिया। सुबह 10 बजे के करीब बच्चे की मौत हो गई। स्टाफ मामले को छिपाए रहा। दोपहर दो बजे कर्मचारियों ने उसे मृत्यु प्रमाण पत्र थमाकर शव ले जाने के लिए कहा। इस पर उसने लापरवाही का आरोप लगाते हुए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। वहीं परिवार के लोग व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए नाराजगी जताने लगे।
जानकारी पर मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी भागमल सिंह जा पहुंचे। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी की। वहीं मामले को लेकर महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट आने पर जिसकी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।